जमशेदपुर के संदीप मुरारका बने झारखंड प्रदेश संयोजक, कमल किशोर अग्रवाल को सह-संयोजक की जिम्मेदारी,
जमशेदपुर : अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन में नए राष्ट्रीय नेतृत्व के गठन के बाद संगठन में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। रांची निवासी बसंत मित्तल के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद अब संगठन को नई दिशा देने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में गोविंदपुर, धनबाद के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं उद्योगपति नंदलाल अग्रवाल को अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन का राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। नंदलाल अग्रवाल इससे पहले झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके मनोनयन से झारखंड के युवाओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी भंग
राष्ट्रीय नेतृत्व संभालते ही बसंत मित्तल ने झारखंड में लंबे समय से निष्क्रिय पड़े संगठन को फिर से सक्रिय और मजबूत बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष उमेश शाह समेत वर्तमान प्रदेश पदाधिकारियों के सभी अधिकार और दायित्व समाप्त कर दिए गए हैं।
नई तदर्थ समिति का गठन
संगठन के पुनर्गठन और विस्तार के लिए नई तदर्थ समिति बनाई गई है। इसके तहत युवा नेतृत्वकर्ता संदीप मुरारका को झारखंड प्रदेश संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि वरिष्ठ समाजसेवी कमल किशोर अग्रवाल को प्रदेश सह-संयोजक बनाया गया है। नई समिति को पूरे प्रदेश में संगठन विस्तार, नई शाखाओं का गठन, सदस्यता अभियान चलाने, महिला इकाइयों के गठन और निष्पक्ष संगठनात्मक चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
पूर्वी सिंहभूम इकाई में भी बदलाव
पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष सुशील कुमार अग्रवाल का त्यागपत्र भी स्वीकार कर लिया गया है। अब जिला इकाई निर्वाचित जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल गोल्डी के नेतृत्व में कार्य करेगी।
इसी क्रम में रांची के समाजसेवी एवं युवा व्यवसायी मनोज बजाज को संगठन का राष्ट्रीय मंत्री मनोनीत किया गया है। संगठन से जुड़े सदस्यों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत मित्तल और राष्ट्रीय महामंत्री गोपाल गोयल के नेतृत्व में लिए गए फैसलों का स्वागत किया है। समाज के लोगों का मानना है कि यह बदलाव केवल पद परिवर्तन नहीं, बल्कि अग्रवाल समाज को अधिक संगठित, सक्रिय और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
