बरहरवा प्रखंड के मयूरकोला पंचायत अंतर्गत दुखिया टोला स्थित आदिवासी समाज के पवित्र सरना स्थल की घेराबंदी कार्य का मंगलवार को विधिवत शिलान्यास संपन्न हुआ। पाकुड़ विधायक निशात आलम ने लगभग 24 लाख 92 हजार 100 रुपये की प्राक्कलित राशि से होने वाले इस विकास कार्य का शिलान्यास किया। इस पहल से स्थानीय आदिवासी समाज में हर्ष का माहौल है।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ शुभारंभ
शिलान्यास समारोह के दौरान विधायक निशात आलम ने पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों का सम्मान करते हुए नारियल फोड़कर और फीता काटकर निर्माण कार्य की नींव रखी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने इस कदम को क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संरक्षण के लिए बेहद अहम बताया।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक निशात आलम ने कहा कि आदिवासी समाज की अगाध आस्था और गौरवशाली परंपरा के प्रतीक सरना स्थलों का संरक्षण व विकास करना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है।
“हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरें ही समाज की असली पहचान और विरासत हैं, जिन्हें सुरक्षित रखना बेहद आवश्यक है। क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।”
इस खास और उत्साहपूर्ण अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष रंजीत टुडू, प्रकाश टोपो, फूल कुमारी उरांव, तपेश्वर प्रसाद शाह, शमीम अख्तर, अरुण साहा, राजेश किस्पोट्टा, संजय किस्पोट्टा सहित भारी संख्या में स्थानीय महिला-पुरुष और ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने सरना स्थल की घेराबंदी का काम शुरू होने पर विधायक और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
