शहर के प्रतिष्ठित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा होने से टल गया। शाम करीब सवा चार बजे कॉलेज परिसर में अचानक आग लगने से चारों तरफ अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, यह आग लाइब्रेरी भवन के नीचे लगे सोलर पैनल की बैटरियों में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से भड़की थी।
देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल गया। धुएं के गुबार के कारण पास का लाइब्रेरी भवन और कैफेटेरिया पूरी तरह घिर गए, जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैटरियों में जोरदार ब्लास्ट भी हुए, जिसके बाद आग ने और तेजी पकड़ ली।
सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
घटना की भनक लगते ही कॉलेज और अस्पताल के सुरक्षाकर्मी व कर्मचारी तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए। बिना वक्त गंवाए परिसर में मौजूद पांच फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। काफी मशक्कत के बाद टीम ने आग को मुख्य इमारतों की तरफ फैलने से रोक लिया। बाद में दमकल विभाग की गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर आग को पूरी तरह से बुझाया।
इस राहत और बचाव अभियान में होमगार्ड प्रभारी दिग्विजय पांडेय, अखिलेश ओझा, योगेंद्र शर्मा, पंकज कुमार झा, प्रदीप मिश्रा, संजय कुमार प्रसाद और कई अन्य जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाया और एक बड़े हादसे को होने से रोक लिया।
