मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तेज हवा और बारिश की संभावना जताई
घाटशिला : सोमवार शाम करीब 4:30 बजे घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान ने व्यापक तबाही मचा दी। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने घाटशिला, मऊभंडार, मुसाबनी, गुड़ाबांदा, डुमरिया और धालभूमगढ़ समेत कई इलाकों में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कुछ ही मिनटों में कई घरों की छतें उड़ गईं, बिजली के पोल सड़क पर गिर पड़े और बाजार क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार तूफान से लाखों रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। हालांकि बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिली।
कई इलाकों में देर रात तक पसरा रहा अंधेरा
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर बिजली के दर्जनों पोल उखड़कर सड़क पर गिर गए। बिजली तार टूटने से पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। मुसाबनी में सड़क पर बिजली पोल गिरने से घंटों जाम की स्थिति बनी रही। घाटशिला और आसपास के कई इलाकों में देर रात तक अंधेरा पसरा रहा। बिजली विभाग की टीमें लगातार क्षतिग्रस्त पोल और तारों को दुरुस्त करने में जुटी रहीं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जहां-जहां पोल तथा केबल क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकी खोजबीन जारी है।
ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक नुकसान
गुड़ाबांदा, डुमरिया और धालभूमगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और झोपड़ियों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से सड़कें बाधित हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि तेज हवा और बारिश शुरू होते ही लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कई परिवारों के सामने अब रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई है।
50 से अधिक घरों की छतें उड़ीं
तेज तूफान के कारण अनुमंडल क्षेत्र में 50 से अधिक घरों की फूस और एस्बेस्टस की छत उड़ गई। कई घरों के टीन और छप्पर हवा में उड़कर दूसरे मकानों की छतों पर जा गिरे। बाजार क्षेत्रों में दुकानों के साइनबोर्ड टूटकर सड़क पर गिर पड़े, जबकि कई दुकानों के बाहर लगे शेड और टीन भी क्षतिग्रस्त हो गए। अचानक आई आंधी से लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
बुरुडीह डैम क्षेत्र के होटल संचालकों को भारी नुकसान
बुरुडीह डैम समेत कई पर्यटन और बाजार क्षेत्रों में होटल संचालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई होटलों की छत उड़ जाने से अंदर रखा फर्नीचर, खाद्य सामग्री, फ्रिज और अन्य सामान बर्बाद हो गया। होटल संचालकों का कहना है कि कुछ ही मिनटों की आंधी ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
गुड़ाबांदा में होटल की छत उड़ी, 50 हजार से अधिक का नुकसान
गुड़ाबांदा : प्रखंड क्षेत्र में सोमवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई। कई पंचायतों में घरों, दुकानों और बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। आंधी के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सिंहपुरा पंचायत का ज्वालकाटा गांव शामिल है। यहां स्थानीय व्यवसायी बादल महतो की होटल की छत तेज हवा में उड़ गई। आंधी की चपेट में आने से होटल में रखा फ्रिज, शो-केस, मिठाई और अन्य सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित बादल महतो ने बताया कि उन्हें 50 हजार रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त सामान को सुरक्षित करने में सहयोग किया।
कई पंचायतों से नुकसान की खबर
अंगारपाड़ा, बनमाकड़ी, भालकी समेत कई पंचायतों से भी भारी नुकसान की सूचना मिली है। कहीं पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ, तो कहीं कच्चे मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है।
राहत और मुआवजे की मांग
तूफान के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और उचित मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए इस तरह की प्राकृतिक आपदा बड़ी मुसीबत बन जाती है। स्थानीय प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने तथा तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
