जामताड़ा समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के आधार केंद्रों की स्थिति, आधार अपडेशन, आयुष्मान कार्ड और विशेष रूप से 0 से 5 वर्ष के बच्चों के आधार पंजीकरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान छोटे बच्चों के आधार पंजीकरण की धीमी रफ्तार पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आधार कार्ड बनने में हो रही देरी या शिथिलता के कारण बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ता है, जो बेहद गंभीर मामला है।
बीआरसी स्तर पर चुनी गई कार्यदायी एजेंसी की शून्य प्रगति और खराब कार्यप्रणाली को लेकर उपायुक्त ने एजेंसी प्रतिनिधि को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लापरवाही बरतने वाली एजेंसी से तुरंत स्पष्टीकरण मांगा जाए और उसे कालीसूची में डालने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाए।
उपायुक्त आलोक कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले में विशेष कैंपों का आयोजन किया जाए, ताकि छूटे हुए सभी बच्चों का आधार पंजीकरण जल्द से जल्द शत-प्रतिशत पूरा किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने जिले के सभी निष्क्रिय आधार केंद्रों को तुरंत पूरी तरह फंक्शनल करने और लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने का आदेश दिया।
शम्भू कुमार सिंह, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम सहित विभिन्न विभागों के कई आला अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
