जमशेदपुर / चाकुलिया : झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा से सटे पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया और बहरागोड़ा वन क्षेत्र में हाथियों का आतंक फिर बढ़ गया है। बंगाल सीमा के लोधाशोली और अमतोलिया जंगल में 7 से 9 हाथियों के झुंड ने डेरा डाल रखा है, जिससे सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक यह झुंड कभी भी रिहायशी इलाकों और खेतों में घुस सकता है।
इसी बीच बहरागोड़ा से सटे लोधाशोली जंगल का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुख्यात हाथी ‘रामलाल’ कच्ची सड़क पर खड़ी एक पिकअप वैन को सूंड और माथे से धक्का देकर रास्ते से हटाता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि हाथी बिना तोड़फोड़ किए गाड़ी को पीछे ढकेलकर जंगल की ओर चला गया। राहत की बात यह रही कि उस समय वाहन में कोई मौजूद नहीं था।
ग्रामीणों और वन विभाग के अनुसार हाथियों का यह मूवमेंट इस साल के बड़े मानव-हाथी संघर्ष का संकेत माना जा रहा है। किसानों को डर है कि यदि हाथियों का झुंड रात में खेतों में घुस गया तो धान के बिचड़े और हरी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं।
स्थिति को देखते हुए चाकुलिया वन विभाग ने सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। हाथियों की निगरानी और उन्हें खदेड़ने के लिए स्थानीय हुल्ला पार्टी और वनकर्मियों की क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात की गई है। वहीं प्रशासन ने ढीपा, कालियाम और बहरागोड़ा के सीमावर्ती गांवों में माइकिंग कर लोगों से रात में जंगल की ओर नहीं जाने और हाथियों को देखने के लिए भीड़ नहीं लगाने की अपील की है। स्थानीय लोगों ने सरकार से झारखंड और पश्चिम बंगाल के वन विभाग के संयुक्त अभियान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बॉर्डर से सटे कृषि क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग और एलिफेंट ट्रेंच की व्यवस्था की जाए, ताकि हाथियों को खेतों और गांवों में घुसने से रोका जा सके। साथ ही फसल नुकसान का मुआवजा भी जल्द और पारदर्शी तरीके से देने की मांग उठाई गई है।
