पोटका प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गंभीर हो गया है। जल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा खराब चापाकलों की मरम्मत नहीं किए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर विभागीय लापरवाही के कारण लोग पेयजल के लिए भटकने को मजबूर हैं।
कोवाली पंचायत में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है, जहां कई चापाकल लंबे समय से खराब पड़े हैं। स्थानीय प्रभारी मुखिया काजल बारीक ने बताया कि लगभग दो माह पहले जल एवं स्वच्छता विभाग को 34 खराब नलकूपों की मरम्मत के लिए सूची सौंपी गई थी, लेकिन अब तक केवल 5 नलकूप ही ठीक किए जा सके हैं, जबकि बाकी अभी भी खराब पड़े हैं।ग्रामीणों के अनुसार, हरि मंदिर के पास स्थित एक चापाकल पर लगभग 100 घर निर्भर हैं, जो पिछले दो माह से पानी की समस्या झेल रहे हैं। बार-बार फोन और अनुरोध के बावजूद विभाग के कनीय अभियंता द्वारा फोन रिसीव न करने और मरम्मत कार्य में रुचि न लेने का आरोप भी लगाया गया है।
स्थिति बिगड़ने पर प्रभारी मुखिया ने बताया कि विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने अपने निजी स्तर पर एक चापाकल की मरम्मत करवाई। हालांकि पंचायत निधि से कार्य करने के लिए विभागीय एनओसी की आवश्यकता होने के कारण अन्य मरम्मत कार्य बाधित हैं।ग्रामीणों का कहना है कि पाइप और अन्य आवश्यक उपकरणों की कमी के चलते अधिकांश चापाकल खराब हैं और विभागीय उदासीनता से समस्या और बढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द सभी खराब चापाकलों की मरम्मत की मांग की है।
