पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक ईंधन संकट के बीच देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल कंपनियों ने मंगलवार से नई दरें लागू कर दी हैं। इस बार पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।
नई दरों के मुताबिक दिल्ली में अब पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। इससे पहले शुक्रवार को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। तेल कंपनियों ने सोमवार देर रात पेट्रोल पंप संचालकों को नई कीमतों की जानकारी भेजी।
लगातार बढ़ रही ईंधन की कीमतें
इससे पहले शुक्रवार को पेट्रोल 3.14 रुपये महंगा होकर 97.77 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था, जबकि डीजल 3.11 रुपये बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया था। अब दूसरी बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है।तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण कीमतों में संशोधन किया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि फिलहाल यह अंतिम बढ़ोतरी नहीं हो सकती, क्योंकि उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के बीच अंतर अभी भी काफी अधिक बना हुआ है।
खाने-पीने की चीजें और माल ढुलाई होंगी महंगी
डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर माल ढुलाई पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने औसतन 10 प्रतिशत तक मालभाड़ा बढ़ा दिया है। इसका असर आने वाले दिनों में खाने-पीने की वस्तुओं, घरेलू सामान और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि डीजल ढुलाई लागत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा होता है। ऐसे में किराये में बढ़ोतरी आवश्यक हो गई थी।
कैब और डिलीवरी सेवाएं भी प्रभावित
पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों का असर ऐप आधारित कैब सेवाओं और फूड डिलीवरी सेक्टर पर भी दिखाई देने लगा है। कई शहरों में कैब किराये बढ़ गए हैं, जबकि गिग वर्करों ने प्रति ऑर्डर हैंडलिंग शुल्क में कम से कम 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग शुरू कर दी है।
गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक निर्मल गोराना ने बताया कि हाल ही में गिग वर्करों की हड़ताल से करीब 60 प्रतिशत काम प्रभावित हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनियों ने हैंडलिंग चार्ज नहीं बढ़ाया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने भी बढ़ाया दबाव
दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने भी सीएनजी कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए किराया बढ़ाने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि पिछले डेढ़ साल में सीएनजी की कीमतों में करीब पांच रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि किराये में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बाजारों में ग्राहकों की संख्या घटी
बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता का असर बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली के थोक बाजारों में खरीदारों की संख्या कम हुई है। फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) के महासचिव राजेंद्र शर्मा के मुताबिक सामान्य दिनों की तुलना में ग्राहकों की संख्या करीब 20 प्रतिशत कम है। उन्होंने कहा कि फिलहाल दुकानदार बढ़ी हुई ढुलाई लागत खुद वहन कर रहे हैं और उसका बोझ ग्राहकों पर डालने से बच रहे हैं, लेकिन आने वाले महीनों में कंपनियों द्वारा कीमतें बढ़ाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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