ओस्लो में आज तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी, व्यापार और हरित साझेदारी पर रहेगा फोकस

ओस्लो में आज तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी, व्यापार और हरित साझेदारी पर रहेगा फोकस

Johar News Times
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत और नॉर्डिक देशों के बीच प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा, डिजिटलीकरण, स्थिरता और व्यापार जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्रियों की भी इस सम्मेलन में भागीदारी होगी। इससे पहले वर्ष 2022 में डेनमार्क के कोपेनहेगन में दूसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ था। इस बार सम्मेलन में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, हरित ऊर्जा, डिजिटलीकरण और निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। भारत और नॉर्डिक देशों के बीच वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार करीब 19 अरब डॉलर का है।

सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी डेनमार्क, आइसलैंड और फिनलैंड के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। माना जा रहा है कि इन बैठकों में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे के साथ भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट को संबोधित किया। इस दौरान नॉर्वे के क्राउन प्रिंस हाकोन भी मौजूद रहे। सम्मेलन में दोनों देशों की 50 से अधिक कंपनियों के सीईओ समेत 250 से ज्यादा कारोबारी और शोध प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने के बाद व्यापार और निवेश में आई तेजी की सराहना की। उन्होंने 100 अरब डॉलर के निवेश और भारत में 10 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का निवेश अनुकूल माहौल, युवा प्रतिभा, मजबूत कारोबारी व्यवस्था और प्रतिस्पर्धी संघीय ढांचा विदेशी कंपनियों के लिए बड़े अवसर प्रदान करता है। उन्होंने नॉर्वे की कंपनियों को ब्लू इकोनॉमी, जहाज निर्माण, हरित ऊर्जा, हेल्थ-टेक, ग्रीन टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, क्रिटिकल मिनरल्स और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया।

भारत-नॉर्वे संबंधों को ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक उन्नत किए जाने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की हरित ऊर्जा और स्वच्छ ईंधन योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नॉर्वे की विशेषज्ञता और भारत के विशाल अवसर मिलकर ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी में नई संभावनाएं पैदा कर सकते हैं।

सम्मेलन के दौरान अंतरिक्ष, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, स्थिरता, सुरंग निर्माण तकनीक और एडवांस टेक्नोलॉजी से जुड़े कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि यह यात्रा भारत-नॉर्वे संबंधों को नई गति देने वाली साबित हुई है। उन्होंने बताया कि ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी में सहयोग से निवेश, रोजगार और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

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