बिहार में उद्योग और आयात-निर्यात को मिलेगा बढ़ावा, कोलकाता पर निर्भरता होगी कम
बिहटा स्थित प्रिंसटन मगध इनलैंड कंटेनर डिपो (ड्राइ पोर्ट) पर पहली बार इंडोनेशिया से फैक्ट्री का कच्चा माल लेकर 45 रैक वाली मालगाड़ी पहुंची। मालगाड़ी के पहुंचने पर अधिकारियों ने पूजा-अर्चना और नारियल फोड़कर उसका स्वागत किया। इसे बिहार में उद्योग और आयात-निर्यात गतिविधियों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से बिहटा में ड्राइ पोर्ट की स्थापना की गई है, जिससे विदेशों से माल मंगाने और यहां से निर्यात करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है। पहले फैक्ट्री का कच्चा माल कोलकाता से सड़क मार्ग के जरिए बिहार लाया जाता था, जिससे समय और परिवहन लागत दोनों अधिक लगते थे। प्रिंसटन ड्राइ पोर्ट के सेल्स मैनेजर इंचार्ज विपुल कुमार ने बताया कि पहली बार इंडोनेशिया से प्रिंस पाइप फैक्ट्री का कच्चा माल 45 रैक में लोड होकर कोलकाता के रास्ते बिहटा ड्राइ पोर्ट पहुंचा है। यहां कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद माल को सड़क मार्ग से बिहार की विभिन्न फैक्ट्रियों तक भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से उद्योगों को समय और लागत दोनों में बड़ी राहत मिलेगी। विपुल कुमार के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ईरान-अमेरिका तनाव के कारण आयात-निर्यात प्रभावित हुआ था, लेकिन अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। बिहटा ड्राइ पोर्ट से बिहार का चावल दुबई भेजा जा रहा है, जबकि दुबई समेत अन्य देशों से माल भी यहां पहुंच रहा है। इससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नया बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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