सरायकेला-खरसावां जिले के समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाओं की गति को बढ़ाना और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना रहा।
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के लिए स्वीकृत और प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अंतर्गत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों के चिन्हीकरण पर चर्चा हुई। समिति ने संशोधित सूची का अवलोकन किया और आवश्यक विचार-विमर्श के बाद इसे अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि DMFT फंड का उपयोग जनहित के कार्यों में होना चाहिए। उन्होंने निम्नलिखित क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया:
- अस्पतालों और स्कूलों का सुदृढ़ीकरण।
- प्रभावित गांवों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता।
- बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सड़क निर्माण।
- स्थानीय लोगों के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर।
“सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि खनन प्रभावित गांवों के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचे।”
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त , अपर समाहर्ता , जिला खनन पदाधिकारी, सभी तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता और समिति के अन्य सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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