नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में Ministry of Petroleum and Natural Gas ने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा सभी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं। मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने बताया कि एलपीजी उत्पादन प्रतिदिन लगभग 92 टीएमटी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और किसी भी वितरक के यहां सप्लाई संकट नहीं है। मंत्रालय के अनुसार कुछ जिलों में कृषि गतिविधियों और बाजार के पैटर्न के कारण मांग बढ़ी है, लेकिन आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। सरकार ने राज्य सरकारों और उद्योग संगठनों को जमाखोरी तथा कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ताओं से केवल अधिकृत केंद्रों से ही ईंधन खरीदने की अपील की गई है। मार्च से अब तक 8.3 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं, जबकि पिछले चार दिनों में करीब 1.8 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी हुई है। मंत्रालय ने कहा कि देश में ईंधन की उपलब्धता पूरी तरह संतोषजनक है और लोगों को अनावश्यक भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है।

Delhi High Court ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के X अकाउंट को तत्काल बहाल करने की मांग पर फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि अकाउंट पर मौजूद सामग्री में प्रथम दृष्टया कुछ आपत्तिजनक तत्व दिखाई देते हैं, इसलिए मामले में विस्तृत सुनवाई जरूरी है। CJP के संस्थापक Abhijeet Deepke ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट से अकाउंट बहाल करने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि विवादित पोस्ट्स को अस्थायी रूप से हटाने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन अकाउंट चालू रखा जाए। हालांकि अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की और कहा कि केंद्र सरकार तथा X का पक्ष सुने बिना कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने दोनों पक्षों को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की है। अदालत ने याचिकाकर्ता को केंद्र की रिव्यू कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने की भी अनुमति दी है।

Supreme Court of India ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में Swami अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ी राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को बरकरार रखा है। जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायतकर्ता Ashutosh Brahmachari से पूछा कि कथित घटना की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि शिकायतकर्ता शुरुआती स्तर पर आवश्यक कार्रवाई में सक्रिय नहीं दिखे। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जमानत पर बाहर रहने के दौरान गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देते समय मामले की विस्तृत व्याख्या की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और अग्रिम जमानत जारी रखी। यह मामला कानूनी और धार्मिक दोनों हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने Narendra Modi से जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है। वीडियो में Giorgia Meloni और ईरान-अमेरिका संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के कथित बयान दिखाए गए थे। हालांकि Press Information Bureau की फैक्ट-चेक यूनिट ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि यह वीडियो एआई और डिजिटल एडिटिंग तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। पीआईबी के अनुसार वीडियो में दिखाए गए बयान मनगढ़ंत हैं और उन्हें भ्रामक तरीके से पेश किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि वीडियो को कुछ पाकिस्तानी दुष्प्रचार अकाउंट्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाया जा रहा है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो, ऑडियो या संदेश को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें। अधिकारियों ने कहा कि एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच फर्जी और भ्रामक सामग्री की पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है।

Hemant Soren द्वारा मनरेगा झारखंड के पोस्ट को री-ट्वीट किए जाने के बाद राज्य की महत्वाकांक्षी Birsa Harit Gram Yojana एक बार फिर चर्चा में आ गई है। पूर्वी सिंहभूम की सफलता की कहानी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार की ग्रामीण विकास योजनाएं अब जमीन पर असर दिखा रही हैं। मुख्यमंत्री के इस कदम से योजना से जुड़े किसानों, अधिकारियों और लाभुकों का मनोबल बढ़ा है। वर्ष 2020 में मनरेगा के तहत शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार, फलदार पौधों के जरिए आय और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। पूर्वी सिंहभूम समेत कई जिलों में किसान अब आम और अन्य फलों का उत्पादन कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर पौधारोपण से हरित क्षेत्र बढ़ा है, मिट्टी कटाव में कमी आई है और जल संरक्षण को भी मजबूती मिली है। मनरेगा से जुड़ाव होने के कारण ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है, जिससे पलायन में भी कमी देखी जा रही है।

नई दिल्ली में Rajnath Singh के आवास पर हुई हाईलेवल बैठक में 21 जून को होने वाले NEET-UG री-टेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े फैसले लिए गए। बैठक में National Testing Agency के महानिदेशक अभिषेक सिंह मौजूद रहे। निर्णय लिया गया कि प्रश्नपत्रों के परिवहन में सेना और वायुसेना की मदद ली जाएगी, ताकि पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित रहे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। एनटीए ने फीस रिफंड के लिए बैंक विवरण जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 जून रात तक कर दी है। उधर पेपर लीक मामले में जांच तेज करते हुए Central Bureau of Investigation अब तक 49 स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है। मामले में 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कई आरोपियों को सीबीआई रिमांड तथा न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

हेमंत सोरेन से मिला जेएमएम प्रतिनिधिमंडल, अंजनी सोरेन को राज्यसभा भेजने की मांग तेज Hemant Soren से ओडिशा से आए Jharkhand Mukti Morcha के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनकी बड़ी बहन Anjani Soren को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की मांग की। अंजनी सोरेन वर्तमान में जेएमएम की ओडिशा इकाई की अध्यक्ष हैं और उनकी संभावित दावेदारी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राज्यसभा की दो सीटों को लेकर महागठबंधन के भीतर भी हलचल बढ़ गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास पर्याप्त विधायक होने के कारण पार्टी दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है, जबकि Indian National Congress भी एक सीट की मांग कर रही है। ऐसे में गठबंधन के भीतर राजनीतिक खींचतान की स्थिति बनती दिख रही है। ओडिशा से आए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि संगठन को मजबूत करने और महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के लिए अंजनी सोरेन को राज्यसभा भेजा जाए। अब पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Supreme Court of India ने न्यायिक फैसलों में हो रही देरी पर गंभीर चिंता जताते हुए देश के सभी हाई कोर्टों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि किसी भी मामले में आदेश सुरक्षित रखने के बाद अधिकतम तीन महीने के भीतर फैसला सुनाया जाना चाहिए। चीफ जस्टिस Surya Kant और जस्टिस Joymalya Bagchi की पीठ ने कहा कि फैसलों में अनावश्यक देरी से वादियों को नुकसान होता है और न्यायपालिका की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से जमानत याचिकाओं पर त्वरित सुनवाई की जरूरत बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में यथासंभव उसी दिन आदेश पारित किए जाएं। यदि आदेश सुरक्षित रखा जाता है तो उसे अगले दिन तक सुनाकर अपलोड किया जाना चाहिए। अदालत ने जेल प्रशासन को भी निर्देश दिया कि जमानत या सजा पर रोक के आदेश मिलते ही संबंधित व्यक्ति की रिहाई तुरंत सुनिश्चित की जाए। शीर्ष अदालत ने कहा कि न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व समयबद्ध बनाना आवश्यक है।

Hemant Soren से Jharkhand Academic Council के अध्यक्ष Dr. Natwa Hansda ने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान राज्य की शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जैक को परीक्षा संचालन और परिणाम प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया। डॉ. नटवा हांसदा ने मुख्यमंत्री को परिषद की गतिविधियों की जानकारी देते हुए शिक्षा सुधार से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जैक विद्यार्थियों के हित में बेहतर कार्य करने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

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