PM मोदी का ‘इटली-ईरान’ वाला वीडियो निकला फर्जी: AI तकनीक से पाकिस्तान ने रचा था दुष्प्रचार का चक्रव्यूह, PIB ने किया भंडाफोड़

सावधान! पीएम मोदी का मेलोनी-ईरान पर वायरल वीडियो है फेक, पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा का पर्दाफाश।

Johar News Times
3 Min Read

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने इस वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक करार देते हुए इसका जोरदार खंडन किया है। जांच में सामने आया है कि इस वीडियो को आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक और डीपफेक के जरिए तैयार किया गया है।

PIB Fact Check ने खोली पोल, पाकिस्तानी कनेक्शन आया सामने

सरकार की आधिकारिक तथ्य-जांच इकाई, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो Fact Check ने इस वीडियो की पड़ताल के बाद सच्चाई देश के सामने रखी है।

  • वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा था कि पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर कुछ मनगढ़ंत टिप्पणियां की हैं और साथ ही ईरान-अमेरिका के बीच कथित मध्यस्थता को लेकर भी बयान दिए हैं।
  • पीआईबी ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी ने ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया है। वीडियो को डिजिटल टूल्स की मदद से इस तरह एडिट किया गया था कि वह बिल्कुल असली भाषण जैसा दिखे।
  • जांच में यह भी पाया गया कि इस फर्जी कंटेंट को हवा देने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के पीछे कुछ पाकिस्तानी दुष्प्रचार अकाउंट्स का हाथ है।

भ्रामक कंटेंट को लेकर सरकार की बड़ी अपील

इस घटना के बाद सरकार ने नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है:

“एआई तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग के बीच फर्जी सामग्री की पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है। किसी भी वीडियो, ऑडियो या संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और उसे आगे शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें।”

तकनीक के इस दौर में राजनेताओं और मशहूर हस्तियों के एआई-जनित फर्जी वीडियो बनाकर समाज में भ्रम फैलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सरकार ने साफ किया है कि ऐसी भ्रामक और देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्रियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और इसे फैलाने वाले अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Share This Article