झारखंड में मौसम का बदला मिजाज: रांची समेत 16 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी हवा

झारखंड में मौसम का बदला मिजाज: रांची समेत 16 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी हवा

Johar News Times
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रांची: झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट ले ली है। राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में बुधवार शाम अचानक मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। तेज धूप के बाद घने बादल छाए और करीब आधे घंटे तक हुई बारिश से तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक राज्य में मेघगर्जन, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार 11 और 12 जून को राज्य के उत्तर-पूर्वी और मध्य भाग के 16 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली और 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

प्रभावित जिलों में देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, जामताड़ा, साहिबगंज, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद और खूंटी शामिल हैं।

विभाग ने कहा है कि यह स्थिति 15 जून तक बनी रह सकती है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 37.2 मिमी वर्षा दुमका में रिकॉर्ड की गई। वहीं, अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस मेदिनीनगर (डाल्टनगंज) में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस लातेहार में रिकॉर्ड हुआ। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार अगले 24 घंटों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 12 से 15 जून के बीच अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। आंधी-तूफान और वज्रपात के दौरान घरों के भीतर रहने, पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने, बिजली के उपकरणों को अनप्लग करने और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी खड़ी फसलों और बागवानी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। तेज हवाओं और बारिश के इस दौर से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं वज्रपात और आंधी के खतरे को देखते हुए सतर्कता बरतना बेहद जरूरी होगा।

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