जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों से नाबालिग किशोरों की आत्महत्या की घटनाएं सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है। गोविंदपुर और बोड़ाम थाना क्षेत्र में हुई इन घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुटी हुई है।
शादी समारोह से लौटने के कुछ घंटों बाद किशोर ने दी जान
गोविंदपुर थाना क्षेत्र के लुआबासा गांव में 17 वर्षीय किशोर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान चैतन्य सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, चैतन्य गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गया था, जहां वह काफी खुश नजर आ रहा था। उसने दोस्तों के साथ जमकर डांस भी किया था। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
बताया जा रहा है कि गांव की ही एक युवती से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था और आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से उसने आत्महत्या की। घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, क्योंकि परिवार के सदस्य दूसरे गांव में शादी समारोह में गए हुए थे। रात करीब 12:30 बजे जब परिजन लौटे तो चैतन्य का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। गोविंदपुर थाना पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बोड़ाम में जंगल में पेड़ से लटका मिला किशोर का शव
इधर, बोड़ाम थाना क्षेत्र से भी एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। पहाड़पुर गांव निवासी 16 वर्षीय वैद्यनाथ बेसरा का शव गांव से लगभग 500 मीटर दूर जंगल में पेड़ से लटका मिला।
परिजनों के मुताबिक, वैद्यनाथ 10 मई की शाम मेला देखने जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन अगले दिन उसका शव बरामद हुआ। वैद्यनाथ के पिता सुनील बेसरा ने बताया कि बेटे के आत्महत्या करने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि वैद्यनाथ एक अच्छा फुटबॉल खिलाड़ी भी था और गांव में उसकी पहचान खेल प्रतिभा के लिए थी।
पुलिस दोनों मामलों की कर रही जांच
दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।








