70 लाख की अफीम के साथ चतरा के दो तस्कर यूपी में गिरफ्तार, जांच में बड़े नेटवर्क का खुलासा

70 लाख की अफीम के साथ चतरा के दो तस्कर यूपी में गिरफ्तार, जांच में बड़े नेटवर्क का खुलासा

Johar News Times
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गिद्धौर और पत्थलगड्डा से उत्तराखंड ले जाया जा रहा 13 किलो अफीम, मोबाइल जांच में कई बड़े तस्करों के नाम आने की चर्चा,

चतरा , उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के दो अंतरराज्यीय अफीम तस्करों को करीब 13 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 70 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई देवरनिया थाना क्षेत्र स्थित नैनीताल फोरलेन पर वाहन जांच के दौरान की गई। गिरफ्तार तस्करों में चतरा जिले के गिद्धौर निवासी विशाल कुमार तथा पत्थलगड्डा निवासी अजय कुमार शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों तस्कर जिले के गिद्धौर और पत्थलगड्डा क्षेत्र से अफीम की खेप लेकर उत्तराखंड सप्लाई करने जा रहे थे। पुलिस ने तस्करों के पास से कई मोबाइल फोन, संपर्क नंबर और संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए हैं। देवरनिया थाना के इंस्पेक्टर आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों के मोबाइल फोन की जांच में कई बड़े तस्करों और नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स जल्द ही चतरा जिले के गिद्धौर, पत्थलगड्डा समेत अन्य इलाकों में छापेमारी और कार्रवाई कर सकती है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में जुटी हुई है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में जिले का नाम लगातार अफीम, ब्राउन शुगर और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा है। गिद्धौर, पत्थलगड्डा, लावालौंग, कुंदा और प्रतापपुर जैसे कई प्रखंडों से लगातार अवैध अफीम खेती, ब्राउन शुगर कारोबार और अंतरराज्यीय तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली तक चतरा से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हो चुका है। स्थिति यह है कि अब चतरा जिला पूरे देश में अवैध अफीम और ब्राउन शुगर कारोबार के बड़े केंद्रों में गिना जाने लगा है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों और खुलासों ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस और नारकोटिक्स एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद तस्करों का नेटवर्क पूरी तरह टूट नहीं पा रहा है। अब देखना होगा कि यूपी पुलिस की इस कार्रवाई के बाद चतरा में चल रहे मादक पदार्थों के सिंडिकेट पर कितनी बड़ी चोट पड़ती है।

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