झारखंड आंदोलनकारियों की समस्याओं के लिए 25 मई को धरना-प्रदर्शन का निर्णय,
कुजू, झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच, रामगढ़ इकाई की बैठक कुजू दक्षिणी पंचायत भवन में हुई। बैठक की अध्यक्षता रामबृक्ष बेदिया और संचालन जयनंदन गोप ने की। बैठक में झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच के केन्द्रीय सदस्य बद्री सिंह मौजूद रहे। बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि झारखंड राज्य का गठन हुए आज 25 वर्ष बीत चुका है। कई सरकारें आई और चली भी गई है। लेकिन झारखंड आंदोलनकारियों की आज भी पुरी तरह से मान-सम्मान तक नहीं दिया गया है। इसका ताजा उदाहरण रामगढ़ जिला में देखा जा सकता है। रामगढ़ जिला उपायुक्त द्वारा झारखंड सरकार की घोषणा के बावजूद रामगढ़ जिला के आंदोलनकारियों की सूची के आधार पर कोई सम्मानित पत्र निर्गत नहीं किया गया है, जबकि अन्य जिलों में उपायुक्त ने आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जा चुका है। चिन्हितिकरण आंदोलनकारियों की बकाया राशि का भी भुगतान नहीं किया गया, न तो पेंशन रेगुलर दिया जाता है। प्रखंडों में परिचय पत्र के नाम पर अंचल अधिकारी द्वारा कई अंचलों में जैसे पतरातु प्रखंड में आंदोलनकारियों को ही पैसा लगा कर कार्ड बनाने को कहा जा रहा है और आज तक परिचय पत्र नहीं दिया गया है। झारखंड सहित रामगढ़ जिला में झारखंड आंदोलनकारियों की कई तरह की समस्याएं हैं, जिसे जिला प्रशासन द्वारा अनदेखा किया जा रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच के नेतृत्व में रामगढ़ जिला उपायुक्त के समक्ष आगामी 25 मई 2026 को धरना-प्रदर्शन के माध्यम एक प्रतिनिधिमंडल के द्वारा मांग सुपुर्द की जाएगी। साथ ही, निरंतर आंदोलनात्मक गतिविधि तेज की जाएगी। जबतक समस्याएं हल नहीं होती है और गंभीरता पूर्वक विचार नहीं की जाती है। इसकी तैयारी को लेकर सभी प्रखंडों के झारखंड आंदोलनकारियों को लेकर बैठक करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में लाली बेदिया, जोधन मांझी, लक्ष्मण सोनी, लाका बेदिया, लालचंद बेदिया, बैधनाथ बेदिया, कारीनाथ मुंडा,छोटन मुंडा, जयगोविंद पाण्डेय, बासुदेव महतो, रोहित बेदिया, बबलू राम, बाला राम मुंडा, रुपन गोप, सुखदेव गंझू, दशरथ ठाकुर, बासुदेव महतो, चंददेव मुंडा, महेंद्र मुंडा, जतरु मुंडा, निर्मल मुंडा, कमल मुंडा व रामकिसुन मुंडा समेत कई झारखंड आंदोलनकारी मौजूद रहे।
