शिकार पर ‘जीरो टॉलरेंस’, दलमा वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी क्षेत्र में सेंदरा पर्व को लेकर इस बार प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। परंपरा के इस महत्वपूर्ण पर्व के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पोटका से लेकर बहरागोड़ा तक व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। विभाग ने शिकार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।
सोमवार सुबह पोटका क्षेत्र में हाता स्थित वन विभाग कार्यालय के पास विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान जमशेदपुर आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी ली गई। खासतौर पर उन लोगों पर नजर रखी गई, जिनके दलमा हिल्स की ओर जाने की आशंका थी। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर उन्हें साफ चेतावनी दी गई कि सेंदरा पर्व के दौरान किसी भी प्रकार का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है।

अभियान का नेतृत्व रेंज ऑफिसर शंकर भगत ने किया। वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और लोगों को जागरूक कर रही हैं कि परंपरा के नाम पर वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाया जाए।
वहीं, बहरागोड़ा चेक नाका को सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मानते हुए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। बहरागोड़ा क्षेत्र, जो झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सीमा से जुड़ा है, वहां हर गुजरने वाले वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है। तीर-धनुष, जाल या अन्य पारंपरिक हथियारों के जरिए शिकार की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सेंदरा पर्व की परंपरा का सम्मान किया जाएगा, लेकिन वन्यजीवों के शिकार को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।









