देशभर में गोवंश के संरक्षण और उन्हें उचित संवैधानिक सम्मान दिलाने के लिए संत समाज और गो-सेवकों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. इसी कड़ी में सोमवार को “गो सम्मान आह्वान अभियान” के तहत एक व्यापक जन-आंदोलन का आयोजन किया गया. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गो माता को ‘राष्ट्र माता’, ‘राष्ट्रदेव’ और ‘राष्ट्र की आधारशिला’ के रूप में संवैधानिक मान्यता दिलाना है.
इस अभियान से जुड़े श्रद्धालुओं का मानना है कि यह संघर्ष केवल धार्मिक नहीं है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए अनिवार्य है.सोमवार सुबह से ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे जुगसलाई, बागबेड़ा और अन्य प्रखंडों से हजारों की संख्या में गो-प्रेमी जुबली पार्क गेट पर एकत्रित होने लगे. यहां से गो-भक्तों का हुजूम भजन-कीर्तन और जयघोष के साथ रैली की शक्ल में अनुमंडल कार्यालय पहुंचा.
आंदोलन के स्थानीय समन्वयक सुरेश लाल के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में शहर की जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस दौरान धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया.









