जमशेदपुर : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी द्वारा गेस्ट फैकल्टी नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 17 विभागों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं और अभ्यर्थियों को 10 जून तक आवेदन करने का समय दिया गया है। हालांकि विज्ञापन में कई महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं होने के कारण पारदर्शिता और प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नियुक्तियां स्थायी होंगी या संविदा आधारित। यदि संविदा पर होंगी तो उनका कार्यकाल कितना होगा, इसका भी कोई उल्लेख नहीं है। इतना ही नहीं, चयनित अभ्यर्थियों को मिलने वाले मानदेय और विभागवार रिक्त पदों की संख्या भी विज्ञापन में नहीं दी गई है। योग्यता के संबंध में केवल यूजीसी और एआईसीटीई के नियमों का हवाला देकर औपचारिकता पूरी कर दी गई है।
शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया में सेवा शर्तें, वेतनमान और नियुक्ति अवधि जैसी जानकारियां स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए, लेकिन यहां इन पहलुओं को अस्पष्ट रखा गया है।
वहीं विश्वविद्यालय में पहले से वित्तीय संकट और प्रशासनिक अव्यवस्था को लेकर असंतोष बना हुआ है। संविदा शिक्षकों, टॉपर शिक्षकों और आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन महीनों से लंबित बताया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार मार्च और अप्रैल 2026 तक का वेतन तथा पेंशन भुगतान भी अटका हुआ है। ऐसे माहौल में नई बहाली प्रक्रिया शुरू होने पर विश्वविद्यालय समुदाय के भीतर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व की नियुक्तियों को लेकर भी विश्वविद्यालय विवादों में रहा है। खासकर वोकेशनल शिक्षकों और कंप्यूटर ऑपरेटर की बहाली में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में नई नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी विश्वविद्यालय के भीतर संशय का माहौल बना हुआ है।
वर्तमान में प्रभारी रजिस्ट्रार सलोमी कुजूर अवकाश पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में डॉ. अन्नपूर्णा झा के हस्ताक्षर से यह नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे भी प्रशासनिक व्यवस्था और निर्णय प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विश्वविद्यालय ने हिंदी, इतिहास, उर्दू, भूगोल, वनस्पति विज्ञान, भौतिकी, दर्शनशास्त्र, जंतु विज्ञान, गृह विज्ञान, राजनीति विज्ञान, संगीत, रसायन शास्त्र, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, गणित और मनोविज्ञान विभागों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
इस मामले पर कुलपति प्रो. इला कुमार ने कहा कि यह नियुक्ति प्रक्रिया अस्थायी व्यवस्था के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार स्तर पर नियमित संकाय नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। कुलपति के अनुसार, विश्वविद्यालय एक पैनल तैयार करेगा ताकि जरूरत के अनुसार अतिथि शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जाएगी और उम्मीदवारों को चयन के समय विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
