गोड्डा: 3 साल की मासूम से दरिंदगी मामले में पुलिस ने रचा इतिहास, महज 13 दिनों में कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट

इंसाफ की ओर बढ़े तेज कदम: गोड्डा पुलिस ने 13 दिनों में दाखिल की चार्जशीट, दरिंदों को सख्त सजा दिलाने की तैयारी!

Johar News Times
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जिला पुलिस ने त्वरित न्याय और कानून व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक मिसाल कायम की है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के जघन्य मामले में पुलिस ने चौका देने वाली फुर्ती दिखाई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने महज 13 दिनों के भीतर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।

संगीन मामलों में पखवाड़े भर (15 दिन) के अंदर पुलिस द्वारा चार्जशीट समर्पित करने की यह झारखंड राज्य की पहली घटना बताई जा रही है। इससे पहले साल 2020 में दुमका पुलिस ने एक मामले में 14 दिनों में चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन गोड्डा पुलिस ने इस बार 13 दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर नया रिकॉर्ड बनाया है।

यह दिल दहला देने वाली बर्बर घटना बीते 15 मई 2026 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक गांव में घटित हुई थी, जहां पीड़िता अपनी नानी के घर रह रही थी। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आरोपितों पर मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी निर्मम हत्या करने और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को कुएं में फेंकने का संगीन आरोप है।

घटना के दिन ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ग्रामीणों के सहयोग से दोनों नामजद अभियुक्तों को दबोच लिया था। वैज्ञानिक व पुख्ता सबूत जुटाने के लिए घटनास्थल से एकत्र किए गए रासायनिक नमूनों को तुरंत विधि विज्ञान प्रयोगशाला , रांची भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पोक्सो एक्ट, गैंगरेप और हत्या की धाराओं के तहत पुख्ता चार्जशीट तैयार की।

रिश्तेदार ही निकला दरिंदा, फांसी की मांग

इस अमानवीय कृत्य में यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक, प्रेम मुर्मू, रिश्ते में पीड़िता का चचेरा नाना लगता था। वहीं दूसरे अभियुक्त की पहचान जारमन सोरेन के रूप में हुई है। चचेरे नाना द्वारा ही इस तरह की दरिंदगी को अंजाम दिए जाने से इलाके के लोग स्तब्ध हैं और क्षेत्र में चौतरफा निंदा हो रही है। स्थानीय लोग दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

मामले के अनुसंधानकर्ता सह मुफस्सिल थाना प्रभारी आनंद कुमार साह ने बताया कि दोनों अभियुक्तों को सख्त से सख्त और जल्द सजा दिलाने के उद्देश्य से पुलिस ने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

“प्रशासन ने न्यायालय से इस पूरे मामले को ‘स्पीडी ट्रायल’ के तहत चलाने की गुहार लगाई है। साक्ष्य बेहद मजबूत हैं और हमारी कोशिश है कि पीड़ित परिवार को अविलंब न्याय मिल सके।” — आनंद कुमार साह, थाना प्रभारी

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