जिले में सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने और चरमराते यातायात को पटरी पर लाने के लिए सरायकेला पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। पुलिस ने सड़कों पर अवैध और खतरनाक तरीके से वाहन पार्क करने वालों के खिलाफ एक व्यापक और विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों, व्यस्त बाजारों और मुख्य मार्गों पर कड़ा रुख अपनाया गया।
जांच अभियान के दौरान यातायात नियमों को ताक पर रखकर मुख्य सड़कों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन खड़े करने वाले चालकों पर पुलिस का डंडा चला। पुलिस ने न सिर्फ दर्जनों वाहनों के चालान काटे और मौके पर ही जुर्माना वसूला, बल्कि नो-पार्किंग जोन में खड़े कई वाहनों को क्रेन से खींचकर थाने पहुंचा दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया।
जाम और हादसों की मुख्य वजह है अवैध पार्किंग
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़कों के किनारे अनियंत्रित और अवैध रूप से खड़े वाहन ही सबसे बड़े हादसे और जाम की वजह बनते हैं।
- मुख्य मार्ग घिर जाने से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
- आम जनता को घंटों भीषण जाम से जूझना पड़ता है।
- सबसे गंभीर बात यह है कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाएं भी इस जाम में फंस जाती हैं।
“शहर को जाम मुक्त बनाना और सड़क हादसों को रोकना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध पार्किंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान केवल आज के लिए नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा।”
फुटपाथ घेरा तो होगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने सिर्फ वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि बाजार क्षेत्र के दुकानदारों पर भी शिकंजा कसा है। सभी दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे अपनी दुकानों के सामने ग्राहकों के वाहनों को व्यवस्थित तरीके से ही पार्क करवाएं। यदि किसी दुकान के सामने फुटपाथ या सड़क पर अतिक्रमण कर सामान रखा गया या अवैध पार्किंग पाई गई, तो सीधे दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनता से सहयोग की अपील
सरायकेला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। जिम्मेदार नागरिक बनें और अपने वाहनों को हमेशा निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें। इसके साथ ही, पुलिस ने कहा कि यदि कहीं भी अवैध पार्किंग के कारण रास्ता बाधित दिख रहा हो, तो तुरंत ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दें।
