स्मार्टफोन इस्तेमाल करते समय हम अक्सर पावर बटन दबाकर ‘Restart’ या ‘Switch Off’ में से किसी भी ऑप्शन को चुन लेते हैं। हमें लगता है कि दोनों का काम एक ही है, लेकिन असल में इन दोनों के पीछे का विज्ञान अलग है। मोबाइल कंपनियां ये दो अलग विकल्प एक खास वजह से देती हैं।
Restart और Switch Off में क्या फर्क है?
जब आप फोन को Restart करते हैं, तो आपका फोन कुछ ही सेकंड के लिए बंद होकर अपने आप चालू हो जाता है। इस प्रक्रिया में फोन का सॉफ्टवेयर रीफ्रेश होता है और बैकग्राउंड में चल रही फालतू फाइलें हट जाती हैं।
वहीं, Switch Off करने पर फोन का पूरा सिस्टम बंद हो जाता है और बिजली की सप्लाई रुक जाती है। फोन तब तक दोबारा चालू नहीं होता जब तक आप खुद बटन न दबाएं।
कब किसका इस्तेमाल करें?
1. फोन हैंग होने पर: अगर आपका फोन स्लो चल रहा है या कोई ऐप ठीक से काम नहीं कर रही, तो Restart करना सबसे अच्छा है। इससे फोन की RAM साफ हो जाती है और छोटे-मोटे सॉफ्टवेयर बग्स अपने आप ठीक हो जाते हैं। टेक एक्सपर्ट्स की मानें तो फोन की स्पीड बरकरार रखने के लिए हफ्ते में एक बार उसे रीस्टार्ट जरूर करना चाहिए।
2. फोन गर्म होने पर: अगर फोन इस्तेमाल करते समय ज्यादा गर्म हो गया है, तो उसे सिर्फ रीस्टार्ट करने से काम नहीं चलेगा। ऐसे में फोन को कुछ देर के लिए Switch Off कर देना चाहिए। इससे फोन के हार्डवेयर को आराम मिलता है और बैटरी का तापमान भी तेजी से कम होता है।
3. बैटरी बचाने के लिए: अगर आप ऐसी जगह हैं जहाँ चार्जिंग की सुविधा नहीं है और आपको लंबे समय तक बैटरी बचानी है, तो Switch Off करना सबसे बेहतर विकल्प है। इसके अलावा, अगर आपको लंबे समय तक फोन इस्तेमाल नहीं करना है, तब भी उसे बंद करके रखना ही सही रहता है।
कंपनियां क्यों देती हैं दोनों ऑप्शन?
सीधे शब्दों में कहें तो Restart सॉफ्टवेयर को दुरुस्त करने के लिए है और Switch Off हार्डवेयर को आराम देने के लिए। अगर कंपनियां सिर्फ एक ही विकल्प देतीं, तो हर छोटी सॉफ्टवेयर समस्या के लिए आपको फोन बंद करके मैन्युअली ऑन करना पड़ता, जिसमें समय ज्यादा लगता है।
अगली बार जब फोन थोड़ा धीमा चले तो उसे Restart करें, लेकिन अगर फोन को लंबी छुट्टी या आराम की जरूरत हो, तो Switch Off का बटन दबाएं।








