डुमरिया/गुड़ाबांदा: रोजगार की तलाश में चेन्नई गई गुड़ाबांदा प्रखंड के मुचरीशोल गांव की 25 वर्षीय महिला मजदूर पुंड़गी मुर्मू की घर लौटने के दौरान कोरोमंडल एक्सप्रेस में मौत हो गई। वह पीलिया से पीड़ित थी और तबीयत बिगड़ने पर अपने गांव लौट रही थी। सफर के दौरान उसकी हालत अचानक गंभीर हो गई और ट्रेन में ही उसकी मौत हो गई। रेलवे सुरक्षा बल ने विशाखापत्तनम में शव को ट्रेन से उतारकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की संभावना है।
शव लाने तक के लिए पैसे नहीं
मृतका के पिता की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। परिवार के पास विशाखापत्तनम से शव को झारखंड लाने तक के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से आर्थिक सहायता की अपील की है।
तीन महीने में परिवार पर दूसरी बड़ी त्रासदी
ग्रामीणों के अनुसार, पुंड़गी परिवार की इकलौती कमाऊ सदस्य थी। तीन महीने पहले उसके भाई ने आत्महत्या कर ली थी। बेटे की मौत के सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि अब बेटी की मौत ने माता-पिता को पूरी तरह तोड़ दिया है। मृतका का पति गुजरात की एक निजी कंपनी में मजदूरी करता है। गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और स्थानीय लोग परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने की मांग कर रहे हैं।
