जमशेदपुर को बड़ा झटका: इंडिया वन एयर ने कोलकाता उड़ान सेवा की बंद, जानिए क्यों अचानक थम गए विमानों के पहिए

"कनेक्टिविटी पर ब्रेक: सब्सिडी खत्म होते ही इंडिया वन एयर ने मोड़ा मुंह, जमशेदपुर-कोलकाता हवाई सेवा अनिश्चितकाल के लिए ठप।"

Johar News Times
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लौहनगरी जमशेदपुर और कोलकाता के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद बुरी खबर है। विमानन कंपनी ‘इंडिया वन एयर’ ने जमशेदपुर-कोलकाता सीधी उड़ान सेवा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। एयरलाइन के इस अचानक आए फैसले से दोनों शहरों के बीच हवाई संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे गुरुवार को यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कंपनी ने इस सेवा को बंद करने के पीछे पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा वित्तीय सहायता बंद किए जाने और आसमान छूती ईंधन की कीमतों को मुख्य वजह बताया है।

क्यों बंद हुई उड़ान सेवा? ये हैं 3 मुख्य कारण:

  1. यह रूट केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी उड़ान (UDAN-RCS) योजना के तहत चल रहा था। इसके तहत क्षेत्रीय रूटों पर 3 साल तक सरकार की तरफ से ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ मिलती है। इसकी अवधि पूरी होने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने इस सब्सिडी को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।
  2. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल काफी महंगा हो गया है।
  3. इस क्षेत्रीय रूट पर यात्रियों की संख्या सीमित थी। बिना सरकारी सहायता और बढ़ी हुई लागत के साथ इस रूट पर विमान उड़ाना कंपनी के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा था।

कारोबारियों, छात्रों और मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

इस सीधी हवाई सेवा के बंद होने का सबसे बुरा असर जमशेदपुर के व्यापारियों, कोलकाता पढ़ने जाने वाले छात्रों और बेहतर इलाज के लिए जाने वाले मरीजों पर पड़ेगा। यह सेवा झारखंड के इस औद्योगिक शहर को पूर्वी भारत के सबसे बड़े व्यावसायिक केंद्र कोलकाता से मात्र कुछ घंटों में जोड़ती थी, जिससे लोगों का काफी समय बचता था।

यादगार शुरुआत: इस दैनिक उड़ान सेवा की शुरुआत फरवरी 2023 में तत्कालीन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़े जोर-शोर से की थी। इसे झारखंड की कनेक्टिविटी के लिए एक मील का पत्थर माना गया था, लेकिन महज तीन साल के भीतर ही इस पर ग्रहण लग गया है।

दोबारा कब शुरू होगी सेवा?

एयरलाइन ने फिलहाल सेवा दोबारा शुरू करने को लेकर कोई तारीख तय नहीं की है। इस घटनाक्रम के बाद अब चैंबर ऑफ कॉमर्स और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्रीय हवाई मार्गों पर सरकारी वित्तीय सहायता को दोबारा जारी रखने की मांग तेज होने लगी है।

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