बंगाल चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई, पूर्व मेदिनीपुर में 1.27 करोड़ नकद जब्त, दो वाहनों से मिली रकम

बंगाल चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई, पूर्व मेदिनीपुर में 1.27 करोड़ नकद जब्त, दो वाहनों से मिली रकम

Johar News Times
3 Min Read

कोलकाता, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले पूर्व मेदिनीपुर जिले में पुलिस ने नाका चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 27 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इस बरामदगी के बाद चुनावी माहौल में हलचल तेज हो गई है और नकदी के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, पूर्व मेदिनीपुर जिले में रविवार को पुलिस द्वारा स्थापित चेकपोस्ट पर दो वाहनों की तलाशी ली गई। इस दौरान एक कार से 1 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए, जबकि एक बस से 23 लाख रुपये मिले।

- Advertisement -
Ad image

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार से बरामद राशि को तमलुक घाटाल कोऑपरेटिव बैंक से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए जांच जारी है कि यह बैंक की आधिकारिक राशि है या चुनावी उद्देश्य से ले जाई जा रही थी। वहीं बस से बरामद 23 लाख रुपये को लेकर भी पुलिस गहन पूछताछ कर रही है।

दोनों वाहनों को जब्त कर सवार लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

यह मामला इसलिए भी संदिग्ध माना जा रहा है क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का पहला चरण 23 अप्रैल को प्रस्तावित है। चुनाव से ठीक पहले इतनी बड़ी नकदी की बरामदगी को लेकर चुनावी खर्च और मतदाताओं को प्रभावित करने की आशंका जताई जा रही है।

चुनाव आयोग ने पहले ही राज्य में नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य प्रलोभनों की जब्ती को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। भारतीय चुनाव आयोग की फ्लाइंग स्क्वॉड और स्टैटिक सर्विलांस टीमों द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक सैकड़ों करोड़ रुपये की नकदी और अन्य सामग्री जब्त की जा चुकी है।

- Advertisement -
Ad image

पुलिस ने बरामद नकदी को सुरक्षित रख लिया है और संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। यदि जांच में यह राशि बैंक लेन-देन से जुड़ी पाई जाती है तो मामला अलग दिशा ले सकता है, अन्यथा इसे चुनावी अनियमितता के रूप में देखा जाएगा।

फिलहाल इस मामले में पुलिस और चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सामान्य लेन-देन था या चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश।

- Advertisement -
Ad image
Share This Article