सरायकेला: कोल्हान की राजनीति में बुधवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। वरिष्ठ शिक्षाविद्, झारखंड आंदोलनकारी और कांग्रेस के पूर्व नेता कालीपद सोरेन (केपी सोरेन) ने सैकड़ों समर्थकों के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का दामन थाम लिया। सरायकेला के टाउन हॉल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सांसद जोबा माझी, मंत्री दीपक बिरुआ, विधायक दशरथ गागराई, विधायक सविता महतो और झामुमो महासचिव विनोद पांडे की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
झामुमो में शामिल होने के बाद केपी सोरेन ने कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, उसका वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं के हित में अपने लंबे अनुभव का उपयोग करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व की सराहना करते हुए झामुमो को दूरदर्शी सोच और जनहितकारी नीतियों वाली पार्टी बताया।
केपी सोरेन को कोल्हान क्षेत्र के शिक्षित, वैचारिक और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। झारखंड आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है और वे लंबे समय तक शिक्षा जगत से भी जुड़े रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके झामुमो में शामिल होने से पार्टी को कोल्हान क्षेत्र में वैचारिक और संगठनात्मक मजबूती मिल सकती है।
इस अवसर पर आदित्यपुर के संजय कुमार और अभय झा ने भी झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, केपी सोरेन का झामुमो में शामिल होना कोल्हान की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत माना जा रहा है और इसका असर आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति पर देखने को मिल सकता है।
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