शरीर में हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) का स्तर कम होने से लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना और चेहरे पर पीलापन जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। डॉक्टरों की सलाह और संतुलित खानपान के साथ-साथ अगर नियमित रूप से योगाभ्यास (Yoga Benefits) किया जाए, तो इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
योग न केवल शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है, बल्कि पाचन तंत्र को भी मज़बूत करता है, जिससे भोजन में मौजूद आयरन और अन्य पोषक तत्व शरीर में अच्छे से अवशोषित (Absorb) हो पाते हैं।
लोकल 18 से बातचीत के दौरान योगा ट्रेनर गोकुल बिष्ट ने बताया कि वज्रासन, बालासन और भुजंगासन जैसे आसनों का नियमित अभ्यास शरीर को भीतर से मज़बूत बनाता है और रक्त निर्माण की प्रक्रिया को तेज़ करता है। रोज़ाना कुछ ही मिनट इन आसनों को देने से मात्र एक हफ़्ते में ही फर्क महसूस होने लगेगा।
1. वज्रासन (Vajrasana) – पाचन सुधारेगा, बढ़ेगा आयरन
वज्रासन को भोजन के ठीक बाद किया जाने वाला एकमात्र आसन माना जाता है, इसे ‘डायमंड पोज़’ भी कहते हैं।
- कैसे है फायदेमंद: यह आसन पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है। जब डाइजेशन अच्छा होगा, तो शरीर भोजन से आयरन और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्वों को पूरी तरह सोख पाएगा, जिससे खून बढ़ता है।
- करने का तरीका: घुटनों के बल बैठें, अपने शरीर का पूरा भार एड़ियों पर डालें और रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें। इस मुद्रा में बैठकर कुछ देर गहरी सांसें लें।
2. बालासन (Balasana) – तनाव दूर कर सुधारेगा खून की क्वालिटी
इसे ‘चाइल्ड पोज़’ या शिशु आसन भी कहा जाता है। यह शरीर और दिमाग दोनों को रिलैक्स करने के लिए बेहतरीन है।
- कैसे है फायदेमंद: बालासन करने से शरीर में ब्लड फ्लो संतुलित होता है। यह लिवर और किडनी को एक्टिव करता है, जिससे खून की क्वालिटी बेहतर होती है। साथ ही, यह तनाव (Stress) को कम करता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से एनीमिया में राहत देता है।
- करने का तरीका: वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और अपने माथे को ज़मीन से छुएं। दोनों हाथों को आगे की तरफ फैलाकर रखें या शरीर के बगल में रखें।
3. भुजंगासन (Bhujangasana) – ऑक्सीजन बढ़ाएगा, रक्त करेगा शुद्ध
भुजंगासन को ‘कोबरा पोज़’ के नाम से जाना जाता है। यह छाती और फेफड़ों को खोलने में मदद करता है।
- कैसे है फायदेमंद: इस आसन को करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और शरीर को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है। ज़्यादा ऑक्सीजन मिलने से ब्लड प्यूरीफाई (शुद्ध) होता है और हीमोग्लोबिन का स्तर सुधारने में मदद मिलती है।
- करने का तरीका: पेट के बल सीधे लेट जाएं। अपनी हथेलियों को कंधों के पास रखें और धीरे-धीरे छाती को ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान लंबी और गहरी सांस लें और कुछ सेकंड इसी पोजीशन में रहें।
- एनीमिया के खिलाफ संतुलित आहार और दवाओं के साथ योग भी बेहद असरदार है।
- बेहतर ब्लड सर्कुलेशन और डाइजेशन से हीमोग्लोबिन तेजी से बढ़ता है।
- नियमित रूप से महज 7 दिनों के अभ्यास से ही शरीर में एनर्जी और फर्क दिखने लगता है।
