सुबह का सिरदर्द और थकान कहीं ‘साइलेंट किलर’ का इशारा तो नहीं? भू लकर भी न करें इग्नोर

किडनी, दिल और दिमाग को अंदर ही अंदर खोखला करने वाली इस बीमारी को लेकर डॉक्टरों और रिसर्चर्स ने गंभीर चेतावनी जारी की है।

Johar News Times
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अक्सर सुबह उठते ही सिर में भारीपन होना या दिनभर थकान महसूस होने को हम काम का तनाव या अधूरी नींद मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये मामूली दिखने वाले लक्षण हाई ब्लड प्रेशर यानी ‘साइलेंट किलर’ के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

किडनी, दिल और दिमाग को अंदर ही अंदर खोखला करने वाली इस बीमारी को लेकर डॉक्टरों और रिसर्चर्स ने गंभीर चेतावनी जारी की है। आइए जानते हैं कि एक्सपर्ट्स का इस पर क्या कहना है और क्यों सुबह का ब्लड प्रेशर सबसे ज्यादा खतरनाक होता है।

सुबह का ब्लड प्रेशर क्यों है सबसे ज्यादा खतरनाक?

कारियो एट अल. (2003) की एक मशहूर स्टडी के अनुसार, सुबह के समय अचानक बढ़ने वाला ब्लड प्रेशर सबसे ज्यादा घातक होता है। यह सीधे तौर पर स्ट्रोक (Brain Stroke) और अन्य गंभीर कार्डियोवैस्कुलर (दिल से जुड़ी) बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।

देश के जाने-माने डॉक्टर रमाकांत पांडा (जिन्होंने ऑपरेशन थिएटर में मरीजों के बीच चार दशक बिताए हैं) के मुताबिक, लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिल को जरूरत से ज्यादा मेहनत करने पर मजबूर करता है। नतीजा यह होता है कि दिल की मांसपेशियां मोटी होने लगती हैं और खून की धमनियां धीरे-धीरे सख्त पड़ जाती हैं। यही स्थिति आगे चलकर हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और किडनी डैमेज का कारण बनती है।

इन शुरुआती लक्षणों को पहचानें, नहीं तो बढ़ेगा खतरा

हाई बीपी को ‘साइलेंट किलर’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण बेहद शांत होते हैं। लेकिन अगर आप अपने शरीर पर ध्यान दें, तो इन संकेतों से इसे पहचान सकते हैं:

  • सुबह का सिरदर्द: सुबह उठते ही सिर के पिछले हिस्से में हल्का लेकिन लगातार दर्द होना।
  • असामान्य थकान: मामूली काम करने पर भी बहुत ज्यादा थक जाना या सांस फूलना।
  • गर्दन में भारीपन: गर्दन की नसों में तेज धड़कन महसूस होना।
  • मानसिक धुंधलापन: ध्यान लगाने में परेशानी होना या सोचने-समझने की क्षमता का धीमा पड़ना।
  • नकसीर छूटना: बिना किसी वजह के बार-बार नाक से खून आना।
  • बार-बार यूरिन आना: रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या को लोग सामान्य समझते हैं, लेकिन यह किडनी पर बढ़ रहे दबाव का संकेत हो सकता है।

क्या कहती हैं रिसर्च रिपोर्ट्स?

  • अचानक मौत का खतरा: फ्रेमिंघम हार्ट स्टडी (लेवी एट अल., 1990) के अनुसार, लंबे समय तक हाई बीपी रहने से हार्ट की दीवारें मोटी हो जाती हैं, जिससे अचानक मौत का खतरा बढ़ जाता है।
  • डिमेंशिया (भूलने की बीमारी): 2020 लैंसेट कमीशन ऑन डिमेंशिया की रिपोर्ट में सामने आया है कि हाई ब्लड प्रेशर याददाश्त कमजोर होने और डिमेंशिया का एक बहुत बड़ा कारण है।
  • किडनी फेलियर: इसी रिपोर्ट के अनुसार, हाई बीपी क्रॉनिक किडनी डिजीज की सबसे बड़ी वजहों में से एक है।

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