क्या गर्मी में फ्रिज का बर्फीला पानी पीना सुरक्षित है? जानें डॉक्टरों की चेतावनी और सही तरीका

गर्मी में प्यास बुझाना जरूरी है, लेकिन जल्दबाजी में फ्रिज का बर्फीला पानी पीकर अपनी सेहत को खतरे में न डालें।

Johar News Times
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चिलचिलाती गर्मी और तेज धूप से घर लौटते ही सबसे पहले दिल करता है कि फ्रिज खोलें और बर्फ जैसा ठंडा पानी गटक लें। यह ठंडा पानी उस वक्त भले ही अमृत जैसा लगे और तुरंत राहत दे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत आपको बीमार कर सकती है? मेडिकल एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के मुताबिक, बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीना सेहत के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं कि धूप से आने के तुरंत बाद चिल्ड वॉटर (Chilled Water) पीने से शरीर में क्या होता है।

अचानक ठंडा पानी पीने से क्यों लगता है ‘टेम्परेचर शॉक’?

जब हम तेज धूप और पसीने से तर-बतर होकर घर लौटते हैं, तो हमारा शरीर खुद को ठंडा करने की नेचुरल प्रोसेस में लगा होता है। इस दौरान ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) तेज होता है और शरीर का तापमान बढ़ा हुआ होता है।

इस स्थिति में अचानक बहुत ठंडा पानी पीने से शरीर को ‘टेम्परेचर शॉक’ लग सकता है। इससे शरीर की ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाएं) अचानक सिकुड़ जाती हैं, जिसके कारण सिरदर्द, चक्कर आना या घबराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बहुत ठंडा पानी पीने के 4 बड़े नुकसान

डॉक्टर्स के अनुसार, बर्फीला पानी मुंह और गले को तो तुरंत राहत देता है, लेकिन अंदरूनी तौर पर यह शरीर के सिस्टम को बिगाड़ देता है:

1. पाचन तंत्र (Digestion) हो जाता है धीमा

ठंडा पानी पीने से पेट का तापमान अचानक गिर जाता है, जिससे डाइजेस्टिव एंजाइम्स की एक्टिविटी कम हो जाती है। इसके कारण पाचन क्रिया धीमी हो जाती है और पेट को खाना पचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। नतीजा—अपच, पेट फूलना (Bloating) और पेट दर्द।

2. गले में खराश और बलगम की समस्या

पसीने में सराबोर होने के तुरंत बाद चिल्ड पानी पीने से गले की संवेदनशील परत पर असर पड़ता है। इससे गले में जलन, खराश, बलगम का बढ़ना, खांसी और टॉन्सिल जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

3. ‘ब्रेन फ्रीज’ और अचानक सिरदर्द

कुछ लोगों में बहुत ठंडा पानी पीने से ब्रेन फ्रीज की समस्या हो जाती है। जब ठंडा पानी मुंह और गले की संवेदनशील नसों को छूता है, तो वे सिकुड़ जाती हैं और अचानक तेज सिरदर्द ट्रिगर हो जाता है।

4. हार्ट रेट पर असर (दिल के मरीजों के लिए खतरनाक)

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अचानक तापमान बदलने से शरीर की वेगस नर्व (Vagus Nerve) प्रभावित हो सकती है। यह नर्व दिल की धड़कन को नियंत्रित करती है। ठंडा पानी इस नर्व को उत्तेजित कर सकता है, जिससे कुछ समय के लिए हार्ट रेट या ब्लड प्रेशर असंतुलित हो सकता है।

तो गर्मी में खुद को हाइड्रेट कैसे रखें? डॉक्टर्स की सलाह

अगर आप धूप से आ रहे हैं, तो तुरंत पानी की बोतल पर झपटें नहीं। डॉक्टर्स ने इससे बचने और खुद को सुरक्षित रखने के कुछ आसान तरीके बताए हैं:

  • थोड़ा इंतजार करें: धूप या पसीने से आने के बाद कम से कम 5 से 10 मिनट आराम करें, ताकि शरीर का तापमान सामान्य हो सके।
  • नॉर्मल पानी पिएं: हमेशा सामान्य तापमान (रूम टेम्परेचर) का पानी या फिर हल्का ठंडा पानी ही धीरे-धीरे पिएं।
  • घड़े का पानी है बेस्ट: फ्रिज के बजाय मिट्टी के घड़े (मटके) का पानी पिएं। यह प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है और शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता।
  • हेल्दी ड्रिंक्स अपनाएं: केवल पानी पर निर्भर रहने के बजाय शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी, और ओआरएस (ORS) जैसे विकल्पों को डाइट में शामिल करें।

गर्मी में प्यास बुझाना जरूरी है, लेकिन जल्दबाजी में फ्रिज का बर्फीला पानी पीकर अपनी सेहत को खतरे में न डालें। थोड़ा ठहरें, और समझदारी से खुद को हाइड्रेट रखें!

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