राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका से बढ़ी सियासी हलचल, कई राज्यों में मुकाबला हुआ नाजुक

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका से बढ़ी सियासी हलचल, कई राज्यों में मुकाबला हुआ नाजुक

Johar News Times
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नई दिल्ली : राज्यसभा की 24 (विस्तृत सूची में 26 सीटों व उपचुनाव सहित) सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। संख्या बल के लिहाज से जहां एनडीए मजबूत स्थिति में है, वहीं विपक्षी दलों को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है, जिससे कई राज्यों में मुकाबला दिलचस्प और नाजुक हो गया है।

इन सीटों के लिए हो रहे चुनावों में एनडीए के पास कुल 18 सीटें हैं, जिनमें 12 भाजपा के पास हैं। इसके अलावा चार सीटें कांग्रेस, तीन वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और एक झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास हैं।

झारखंड में दो सीटों पर मुकाबला
झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में दो राज्यसभा सीटों के लिए एक सीट जीतने हेतु 28 वोट आवश्यक हैं। झामुमो के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जिससे दोनों सीटें जीतने की स्थिति बनती है। वहीं भाजपा के पास 24 विधायक हैं। ऐसे में यदि 4 वोटों का भी इधर-उधर जाना हुआ तो समीकरण बदल सकते हैं, क्योंकि दूसरी वरीयता के आधार पर परिणाम प्रभावित हो सकता है।

कर्नाटक में त्रिकोणीय समीकरण
कर्नाटक में चार सीटों का चुनाव रोचक बना हुआ है। कांग्रेस और सहयोगियों के पास 135 विधायक हैं, जबकि भाजपा-जदएस गठबंधन के पास 85 विधायक हैं। एक सीट के लिए 45 वोट आवश्यक हैं। यहां कांग्रेस को तीन सीटें और भाजपा को एक सीट मिलने का गणित बनता है, लेकिन भाजपा यदि दूसरी सीट पर भी दावेदारी करती है तो उसे बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग की जरूरत होगी।

मध्य प्रदेश में सख्त मुकाबला
मध्य प्रदेश में तीन सीटों के लिए एक सीट पर 58 वोटों की जरूरत है। भाजपा के पास दो सीटों के लिए पर्याप्त संख्या के बाद भी 48 अतिरिक्त वोट हैं, लेकिन तीसरी सीट के लिए उसे 10 और वोटों का इंतजाम करना होगा। कांग्रेस के पास 62 विधायक हैं, जिससे उसे एक सीट मिलने की संभावना बनती है, लेकिन भाजपा द्वारा अतिरिक्त उम्मीदवार उतारने से क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ सकता है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की सीट खाली हो रही है, जिस पर भाजपा रणनीतिक दांव खेल सकती है।

क्रॉस वोटिंग से बदल सकते हैं समीकरण
पिछले कई चुनावों में क्रॉस वोटिंग के चलते बड़े राजनीतिक उलटफेर देखने को मिले हैं। यही वजह है कि इस बार कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को खासतौर पर मध्य प्रदेश, झारखंड और कर्नाटक में क्रॉस वोटिंग की चिंता है।

इन राज्यों में भी होंगे चुनाव
18 जून को होने वाले इन चुनावों में आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक की 4-4 सीटें, मध्य प्रदेश और राजस्थान की 3-3 सीटें, झारखंड की 2 सीटें तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की 1-1 सीट शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक-एक सीट पर उपचुनाव भी होगा।

कुल सीटों का गणित
कुल 26 सीटों (चुनाव और उपचुनाव मिलाकर) में एनडीए के पास 18 सीटें हैं, जबकि भाजपा के पास अकेले 12 सीटें हैं। कांग्रेस के पास 4, वाईएसआर कांग्रेस के पास 3 और झामुमो के पास 1 सीट है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग इस चुनाव का सबसे बड़ा निर्णायक फैक्टर बनकर उभर रहा है।

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