बोकारो में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बिना अनुमति संचालित ढाबों, पेट्रोल पंपों, होटलों, गैरेज और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जल्द सख्त कार्रवाई हो सकती है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, जिसकी जिम्मेदारी नितिन गडकरी संभाल रहे हैं, ने साफ किया है कि एनएच किनारे किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि चलाने के लिए संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
मंत्रालय के निर्देश के अनुसार अब सभी आवेदन “राजमार्ग पोर्टल” के माध्यम से किए जाएंगे। बिना अनुमति संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ अतिक्रमण हटाने से लेकर बुलडोजर कार्रवाई तक की जा सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर बने अवैध मकानों को भी हटाया जाएगा।
बोकारो से गुजरने वाले एनएच-23 और एनएच-31 के किनारे बड़ी संख्या में ढाबे, होटल, वाहन मरम्मत केंद्र और पेट्रोल पंप बिना निर्धारित मानकों के संचालित हो रहे हैं। कई स्थानों पर सर्विस रोड तक नहीं है और भारी वाहन सीधे हाईवे किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एनएच किनारे कारोबार करने वालों को जल्द से जल्द अनुमति प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। अनुमति मिलने के बाद ही प्रवेश मार्ग, पार्किंग, सर्विस रोड और यातायात व्यवस्था को वैध माना जाएगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी निर्माण को हटाया जा सकता है।
अनुमति के लिए व्यवसाय संचालकों को कई दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें जीएसटीआईएन/सीआईएन/टिन प्रमाणपत्र, प्राधिकरण पत्र या पावर ऑफ अटॉर्नी, तेल कंपनियों द्वारा जारी लेटर ऑफ इंटेंट, भूमि स्वामित्व या लीज दस्तावेज, खतियान, ड्रेनेज व्यवस्था का हाइड्रोलिक कैलकुलेशन, जनसंख्या प्रमाणपत्र, सर्विस रोड और एक्सीलेरेशन-डीसलेरेशन लेन से जुड़ी जानकारी सहित विभिन्न तकनीकी ड्रॉइंग शामिल हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय हाईवे किनारे ट्रकों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में एनएच किनारे संचालित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर सूची तैयार की जा रही है, जिसके बाद कार्रवाई शुरू हो सकती है।
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