12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की उड़ान, पीएम मोदी ने साझा की उपलब्धियों की झलक

12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की उड़ान, पीएम मोदी ने साझा की उपलब्धियों की झलक

Johar News Times
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ‘mygov’ की एक पोस्ट को री-ट्वीट करते हुए पिछले 12 वर्षों में भारत की रक्षा क्षमताओं में हुए व्यापक बदलाव और आत्मनिर्भरता की दिशा में हुई प्रगति को रेखांकित किया। पोस्ट में कहा गया है कि भविष्य उन्हीं देशों का है जो समय रहते क्षमता, तकनीक और लचीलापन विकसित करने में निवेश करते हैं, और भारत की रक्षा यात्रा इसका सशक्त उदाहरण है।

भारत ने वायु, थल और नौसेना तीनों क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमताओं का विस्तार किया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित तेजस लड़ाकू विमान को भारत की बढ़ती एयरोस्पेस क्षमता और रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया गया। वहीं आकाश मिसाइल प्रणाली को देश की वायु रक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया गया, जबकि आकाश-एनजी को और अधिक उन्नत क्षमता वाला संस्करण कहा गया। पिनाका रॉकेट प्रणाली को भारतीय तोपखाना शक्ति का प्रमुख आधार बताया गया। साथ ही अग्नि-5 मिसाइल के एमआईआरवी तकनीक से लैस सफल परीक्षण को भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता में बड़ी उपलब्धि बताया गया। इसमें यह भी उल्लेख किया गया कि भारत ने हाल ही में हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक का सफल परीक्षण कर भविष्य की युद्ध तकनीकों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

नौसैनिक क्षेत्र में आईएनएस अरिहंत को भारत के परमाणु त्रिस्तरीय प्रतिरोधक (न्यूक्लियर ट्रायड) को पूरा करने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। वहीं आईएनएस विक्रांत को देश की पहली स्वदेशी विमानवाहक पोत परियोजना और स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता का प्रतीक बताया गया। प्रोजेक्ट-17ए स्टील्थ फ्रिगेट, प्रोजेक्ट-15बी विध्वंसक युद्धपोत और कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों का भी उल्लेख किया गया, जिन्होंने भारत की समुद्री सुरक्षा और युद्धक क्षमताओं को मजबूत किया है। इसके अलावा ब्रह्मोस, अस्त्र और रुद्रम जैसी स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों को भारत के मजबूत रक्षा तकनीकी इकोसिस्टम का हिस्सा बताया गया।

मायगव की पोस्ट में सी-295 कार्यक्रम को भी भारत के एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए नई शुरुआत बताया गया। कहा गया कि यह कार्यक्रम न केवल सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता बढ़ा रहा है, बल्कि घरेलू विनिर्माण, निजी क्षेत्र की भागीदारी और स्वदेशी विमानन विशेषज्ञता को भी मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस पोस्ट को साझा किए जाने के बाद रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हुई प्रगति और उपलब्धियां एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।

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