झारखंड की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार के ‘पलाश’ ब्रांड ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस सीजन में पलाश ब्रांड के तहत संचालित मैंगो मार्केटिंग पहल के जरिए अब तक 2.24 लाख किलोग्राम से अधिक आम की रिकॉर्ड बिक्री हुई है, जिससे सीधे तौर पर 60.51 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। राज्य सरकार का दावा है कि इस पहल ने झारखंड के रसीले आमों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी एक नई और मजबूत पहचान दिलाई है।
रंग ला रही है ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरगामी सोच के तहत कोरोना काल में शुरू की गई ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। उस समय लगाए गए फलदार पौधे अब पूरी तरह बागान का रूप ले चुके हैं:
- वर्तमान में राज्य के लगभग 1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में आम के बागान विकसित हो चुके हैं।
- इससे करीब 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को आजीविका का सीधा सहारा मिला है।
- इस वर्ष 52 हजार एकड़ बागानों से करीब 50 हजार मीट्रिक टन आम के बंपर उत्पादन का अनुमान है।
सखी मंडल की महिलाओं ने संभाली कमान
इस पूरी चेन में झारखंड की नारी शक्ति मुख्य भूमिका निभा रही है। आमों के संग्रहण , ग्रेडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की पूरी जिम्मेदारी सखी मंडल की महिलाओं ने संभाल रखी है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी इन महिला किसानों को ‘किसान उत्पादक संगठनों’ से जोड़कर बिचौलियों से बचा रही है और उन्हें उचित मूल्य दिला रही है।
सात समंदर पार पहुंची झारखंड के आम की महक
झारखंड के आम अब विदेशों में भी धूम मचा रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य से बड़े पैमाने पर आमों का निर्यात किया गया है:
- लंदन : सिमडेगा जिले से 1,580 किलोग्राम प्रीमियम आम लंदन भेजे गए हैं।
- दुबई : रामगढ़ क्लस्टर से 1,500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई निर्यात किए गए हैं। इस वैश्विक अभियान में सिमडेगा, रामगढ़ और पूर्वी सिंहभूम जिले सबसे आगे रहे हैं।
गुणवत्ता के आधार पर तय हुआ बाजार
बाजार में बेहतर पैठ बनाने के लिए आमों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
- ग्रेड-ए: ये प्रीमियम आम हैं जिनका निर्यात यूएई, सऊदी अरब और यूके जैसे देशों में हो रहा है। घरेलू बाजार में इन्हें पलाश मार्ट और अपना मार्ट के माध्यम से 60 रुपये प्रति किलो की दर पर बेचा जा रहा है।
- ग्रेड-बी: ये आम संगठित खुदरा बाजारों में सप्लाई किए जा रहे हैं।
- ग्रेड-सी: ये आम स्थानीय बाजारों, पलाश कैनोपी कियोस्क, बस स्टैंड और साप्ताहिक हाटों में आम जनता के लिए किफायती दरों पर उपलब्ध हैं।
ब्लिंकिट और रिलायंस फ्रेश से जुड़ने की तैयारी
राज्य के करीब 115 एफपीओ को पलाश मैंगो कैनोपी काउंटर से जोड़ा जा चुका है। बाजार के और अधिक विस्तार के लिए लगातार बायर-सेलर मीट आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ब्लिंकिट , रिलायंस फ्रेश और कशिश मॉल जैसे देश के बड़े रिटेल और क्विक-कॉमर्स समूहों के साथ भी बातचीत अंतिम चरण में है, जिससे झारखंड के आमों की पहुंच आने वाले समय में देश के हर घर तक बेहद आसानी से हो सकेगी।
