खूंटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत तांबा जंगल के समीप मिले एक व्यक्ति के शव के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिसे शुरुआती तौर पर एक सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, वह असल में एक सुनियोजित और बर्बर हत्या का मामला निकला। अपराधियों ने हत्या करने के बाद मामले को भटकाने के लिए शव को दुर्घटना का रूप देकर फेंक दिया था।
15 जून को मिला था राधेश्याम साहू का शव
रनिया थाना में कांड संख्या 22/26 (धारा 103(1) एवं 238 बीएनएस) के तहत दर्ज इस मामले में मृतक की पहचान राधेश्याम साहू के रूप में हुई थी। उनका शव तांबा जंगल के पास संदिग्ध अवस्था में बरामद किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था।
घर के पास डंडे से पीटा, फिर दबाया गला
पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए पूरी साजिश का पर्दाफाश किया। आरोपियों ने बताया कि:
- उन्होंने राधेश्याम साहू पर उनके घर के पास ही डंडे से जोरदार हमला किया।
- इसके बाद गला दबाकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।
- हत्या को छुपाने के लिए शव को मृतक की ही स्कूटी पर लादकर तांबा जंगल के पास ले गए और वहां इस तरह फेंक दिया ताकि यह एक सामान्य सड़क हादसा लगे।
वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई, जिससे आरोपियों की यह साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने घटनास्थल और आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- मृतक की स्कूटी
- खून के निशान लगा हत्या में प्रयुक्त डंडा
- मृतक और आरोपियों के मोबाइल फोन
- घटना के दिन के वीडियो और तस्वीरें
- वारदात के वक्त आरोपियों द्वारा पहनी गई चप्पलें
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है:
- लक्ष्मी देवी (40 वर्ष) – पति स्वर्गीय ललित मांझी, निवासी किशुनपुर, रनिया।
- संदीप मांझी (26 वर्ष) – पिता फागु मांझी, निवासी बिरता, तपकरा।
- रविंद्र मांझी (18 वर्ष) – पिता स्वर्गीय ललित मांझी, निवासी किशुनपुर, रनिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के मुख्य कारणों और इस घटना से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की गहन पड़ताल अभी जारी है।
