गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र स्थित चांदनी चौक से शुक्रवार शाम 10 वर्षीय छात्र आरव प्रसाद उर्फ रोलिक के अपहरण की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सिलिटियर एजुकेशनल एकेडमी में कक्षा 5वीं में पढ़ने वाले आरव का अज्ञात अपराधियों ने दिनदहाड़े अपहरण कर लिया, लेकिन बच्चे की सूझबूझ और बहादुरी से अपराधियों की साजिश नाकाम हो गई।
जानकारी के अनुसार, आरव के पिता की चांदनी चौक में मोबाइल की दुकान है। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे आरव अपने एक मित्र के घर जा रहा था, तभी पीछे से आए एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे दबोच लिया। इसके बाद वह बेहोश हो गया। रात करीब 10 बजे होश आने पर उसने खुद को एक अनजान जगह पर पाया, जहां 2-3 लोग संदिग्ध बातें कर रहे थे। मौका मिलते ही आरव वहां से भाग निकला।
भागते हुए वह बकसीडीपा पहुंचा और सड़क पर गुजर रहे वाहनों से मदद मांगी, लेकिन किसी ने गाड़ी नहीं रोकी। इसी बीच रात करीब 11:30 बजे घाघरा निवासी विवेक जायसवाल अपनी कार से लौट रहे थे। आरव ने उन्हें रोककर घाघरा पहुंचाने की गुहार लगाई। विवेक ने बच्चे को पहचान लिया और उसके घरेलू नाम ‘रोलिक’ से पुकारा। परिचित को देखते ही आरव रो पड़ा और पूरी घटना बताई। इसके बाद विवेक जायसवाल उसे सुरक्षित उसके घर पहुंचा दिया।
उधर, शाम 7 बजे तक आरव के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद रात करीब 10 बजे घाघरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और चांदनी चौक इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि अपहरणकर्ताओं का सुराग मिल सके।









