बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में महिला कैदी से यौन शोषण का आरोप, जांच में महिला बंदी ने बताए दो कर्मचारियों के नाम

बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में महिला कैदी से यौन शोषण का आरोप, जांच में महिला बंदी ने बताए दो कर्मचारियों के नाम

Johar News Times
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तीन घंटे चली जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए; झालसा और जिला प्रशासन ने बनाई अलग-अलग जांच टीमें

बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद एक महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण और गर्भवती होने के मामले ने राज्यभर में सनसनी फैला दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल आईजी और झालसा की ओर से गठित जांच टीमों ने सोमवार को जेल पहुंचकर करीब तीन घंटे तक जांच-पड़ताल की। पूछताछ के दौरान महिला कैदी ने जांच कमेटी को बताया कि उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए थे और उसने घटना में शामिल रांची जेल में पदस्थापित दो लोगों के नाम भी बताए हैं।

जेल आईजी सुदर्शन मंडल की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच टीम में निदेशक मनोज कुमार, तुषार रंजन और चंद्र मौलिक शामिल थे। टीम ने जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जेल अस्पताल में महिला कैदी की मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन किया और महिला बंदी, जेल अधीक्षक समेत कई जेलकर्मियों से पूछताछ की। दूसरी ओर, रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने भी मामले की अलग से जांच के लिए एडीएम लॉ एंड ऑर्डर और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की टीम गठित की है, जो मंगलवार को जेल जाकर जांच करेगी।

मामले में जेल अधीक्षक चंद्रशेखर कुशवाहा पर महिला बंदी के साथ यौन शोषण और गर्भवती करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि जेल अधीक्षक ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए जांच टीम को लिखित स्पष्टीकरण सौंपा है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।

इधर, झारखंड स्टेट लीगल सर्विसेस अथॉरिटी (झालसा) के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की जांच और पीड़ित महिला को विधिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना की निगरानी और न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में गठित टीम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, डालसा सचिव और महिला एलएडीसी को शामिल किया गया। टीम ने जेल पहुंचकर महिला बंदी, जेल चिकित्सक और पीएलवी का बयान दर्ज किया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि जेल के किसी वार्ड में शिकायत पेटी नहीं लगी थी, जिसके बाद जेल अधीक्षक को दो दिनों के भीतर शिकायत पेटी लगाने का निर्देश दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, मामला सामने आने के बाद महिला कैदी रविवार रात से ही खाना नहीं खा रही है और सोमवार को भी उसने नाश्ता व भोजन लेने से इंकार कर दिया। जेल सूत्रों का कहना है कि वह दिनभर गुमसुम रही। उधर, मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बाबूलाल मरांडी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रांची कुशवाहा समाज ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि बिना पुख्ता सबूत किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। चुटिया स्थित कुशवाहा भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में समाज के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

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