गुमला, झारखंड के रायडीह प्रखंड स्थित टुडुरमा जंगल में आग बुझाने गई वन विभाग की टीम को बड़ी सफलता मिली है। कार्रवाई के दौरान टीम ने जंगली जानवरों के शिकार से जुड़े सामान बरामद किए और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टुडुरमा के पहाड़ लुरू गांव निवासी जीतू मुंडा (30) और चमरू मुंडा (39) के रूप में हुई है। दोनों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
वन विभाग की टीम को जंगल में प्लास्टिक तिरपाल से बनी झोपड़ीनुमा संरचना मिली, जहां से एक मोटरसाइकिल, शिकार के लिए इस्तेमाल होने वाले फंदे, रस्सी, जंगली जानवर पकड़ने के उपकरण और साल के पेड़ों की कटी हुई लकड़ी बरामद की गई।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम, जिसमें प्रधान वनरक्षी मुनेश्वर राम, हेमराज उरांव और प्रभारी वनपाल चंद्रेश चरण राम शामिल थे, दोपहर करीब 2 बजे जंगल में आग बुझाने पहुंची थी। इसी दौरान उन्हें जंगल और पहाड़ के बीच संदिग्ध झोपड़ी दिखाई दी।
शक होने पर जब टीम ने वहां खड़ी मोटरसाइकिल की तलाशी ली, तो उसमें जंगली जानवरों को फंसाने वाले करीब 20 फंदे मिले। आसपास साल के पेड़ों की कटाई कर रखी गई कच्ची लकड़ी भी पाई गई। टीम ने बाइक और अन्य सामान जब्त कर रायडीह वन परिसर में सुरक्षित रखा।
जांच के दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे जंगल में झोपड़ी बनाकर मोटरसाइकिल छिपाकर रखते थे और फंदों की मदद से जंगली जानवरों का शिकार करते थे। साथ ही, साल के पेड़ों को काटकर जलावन के रूप में बाजार में बेचते थे।
वन विभाग ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।










