रांची, झारखंड में सामने आए ट्रेजरी घोटाले ने राज्य के वित्तीय तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। इसका सीधा असर अब झारखंड पुलिस के जवानों और अधिकारियों पर पड़ रहा है। राज्य के 65 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को 16 अप्रैल बीत जाने के बाद भी वेतन नहीं मिल सका है, जिससे उनमें भारी असंतोष और परेशानी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ट्रेजरी सिस्टम में आई गड़बड़ी के कारण वेतन भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं और जांच के चलते भुगतान रोक दिया गया है। इसका खामियाजा सीधे तौर पर पुलिस बल को भुगतना पड़ रहा है।
वेतन नहीं मिलने से पुलिसकर्मियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मार्च-अप्रैल का समय आमतौर पर खर्चों के लिहाज से भारी होता है, स्कूल फीस, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतें और सामाजिक दायित्वों का दबाव इस दौरान बढ़ जाता है। इसके अलावा, शादी-विवाह का मौसम शुरू होने से कई पुलिसकर्मियों के परिवारों में भी अतिरिक्त खर्च सामने आ रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि स्थिति जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जब तक ट्रेजरी से जुड़ी तकनीकी और वित्तीय जांच पूरी नहीं होती, तब तक भुगतान में देरी जारी रह सकती है।
इस बीच पुलिसकर्मियों ने सरकार से जल्द से जल्द वेतन जारी करने की मांग की है, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।









