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जय शाह की बड़ी पहल: मां बनने के बाद महिला क्रिकेटरों की मैदान पर वापसी होगी आसान, ICC ने जारी की नई गाइडलाइंस
दुबई (ICC): अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने महिला क्रिकेटरों के हित में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला लिया है। मां बनने के बाद महिला खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सुरक्षित, सुगम और वैज्ञानिक तरीके से वापसी (कमबैक) सुनिश्चित करने के लिए आईसीसी ने नई व्यापक गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नए दिशा-निर्देशों के तहत, मातृत्व के बाद खिलाड़ियों को सीधे मैदान पर उतारने के बजाय 16 सप्ताह (लगभग 4 महीने) का एक विशेष चरणबद्ध रिकवरी, फिटनेस और अभ्यास कार्यक्रम पूरा करना होगा।
क्या है आईसीसी का ‘सिक्स आर’ (6R) मॉडल?
आईसीसी द्वारा तैयार की गई ‘रिटर्न टू प्ले पोस्ट प्रेगनेंसी गाइडलाइंस’ में एक खास ‘सिक्स आर’ (6R) मॉडल को अपनाया गया है। इसके तहत खिलाड़ी की वापसी को छह अलग-अलग और सुरक्षित चरणों में बांटा गया है:
- रेडी (Ready): प्रसव के बाद शुरुआती रिकवरी और आराम।
- रिव्यू (Review): शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति की गहन समीक्षा।
- रीस्टोर (Restore): शरीर की खोई हुई ऊर्जा और बुनियादी क्षमता को वापस पाना।
- रीकंडीशन (Recondition): धीरे-धीरे हल्के अभ्यास और शारीरिक अनुकूलन की शुरुआत।
- रिटर्न (Return): क्रिकेट संबंधी कड़े अभ्यास और कौशल (Skills) की ओर लौटना।
- रिफाइन (Refine): मैच खेलने की स्थिति में आना और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ी की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
हर खिलाड़ी के लिए नियुक्त होगा ‘केस मैनेजर’, मिलेगा मनोवैज्ञानिक सहयोग
नए नियमों के अनुसार, मां बनने वाली हर खिलाड़ी के लिए एक समर्पित ‘केस मैनेजर’ नियुक्त किया जाएगा, जो कि एक पेशेवर डॉक्टर या खेल फिजियोथेरेपिस्ट होगा। यह केस मैनेजर खिलाड़ी की फिटनेस, दैनिक स्वास्थ्य और मैदान पर वापसी की पूरी प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करेगा।
इसके साथ ही, मातृत्व के बाद जीवन में आने वाले बड़े बदलावों और हार्मोनल उतार-चढ़ाव से सामंजस्य स्थापित करने के लिए शुरुआती चरण में महिला खिलाड़ियों को विशेष मनोवैज्ञानिक सहयोग (Psychological Support) भी प्रदान किया जाएगा।
8 सप्ताह बाद शुरू होगी रनिंग, विस्तृत जांच के बाद ही खेल सकेंगी मैच
शुरुआती आठ सप्ताह (2 महीने) की कड़ी समीक्षा और रिकवरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कोई खिलाड़ी डॉक्टर या फिजियो की लिखित सलाह पर मैदान पर दौड़ना (रनिंग) शुरू कर सकेगी। प्रतिस्पर्धी या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (Competitive Cricket) में दोबारा मैच खेलने की अनुमति मिलने से पहले खिलाड़ी की कार्डियोवैस्कुलर स्थिति, मांसपेशियों की ताकत और संभावित लक्षणों की एक विस्तृत और अंतिम चिकित्सकीय जांच की जाएगी।
मातृत्व और देश के लिए खेलने में से किसी एक को चुनना न पड़े: जय शाह
इस ऐतिहासिक गाइडलाइंस को अमलीजामा पहनाने में अहम भूमिका निभाने वाले आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने इस नीति की सराहना करते हुए कहा:
“दुनिया की किसी भी महिला खिलाड़ी को मातृत्व (मां बनने) और अपने देश के लिए शीर्ष स्तर पर क्रिकेट खेलने के बीच में से किसी एक को चुनने के लिए कभी मजबूर नहीं होना चाहिए। आईसीसी की ये नई गाइडलाइंस हमारी महिला खिलाड़ियों के लिए एक अधिक सहयोगी, सुरक्षित, सम्मानजनक और जागरूक खेल वातावरण तैयार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होंगी।”
आईसीसी के इस कदम की वैश्विक खेल जगत में काफी सराहना हो रही है, जिससे महिला क्रिकेटरों का करियर शादी और बच्चे के बाद भी लंबा और सुरक्षित हो सकेगा।
