कोल्हान प्रमंडल के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों के लिए पिछले 5 महीने किसी बुरे सपने जैसे गुजरे हैं। पांच माह से बकाया मानदेय/वेतन न मिलने के कारण इन स्वास्थ्य कर्मियों के परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के कोल्हान प्रमंडल अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष राजा कालिंदी ने उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को एक मांग पत्र सौंपा है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को भी भेजी गई प्रति
पत्रांक 36/26 के तहत 23 जून 2026 को सौंपे गए इस आवेदन की एक प्रति राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भी त्वरित कार्रवाई के लिए भेजी गई है। आवेदन में स्वास्थ्य कर्मियों के दर्द को बयां करते हुए जल्द से जल्द वेतन जारी करने की गुहार लगाई गई है।
बच्चों की पढ़ाई और इलाज सब ठप, घर चलाना हुआ मुश्किल
राजा कालिंदी ने उपायुक्त को बताया कि वेतन नहीं मिलने से सभी एनएचएम कर्मियों और उनके आश्रितों को भारी आर्थिक, सामाजिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। स्थिति यह हो गई है कि:
- कर्मियों के लिए रोजमर्रा का राशन-पानी और दैनिक जीवन-यापन मुश्किल हो गया है।
- बच्चों की स्कूल फीस और शिक्षा प्रभावित हो रही है।
- घर में किसी के बीमार पड़ने पर चिकित्सा और दवाओं का खर्च उठाना अत्यंत कठिन हो गया है।
“हर मोर्चे पर सेवा दे रहे कर्मी, फिर भुगतान में देरी क्यों?”
अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि NHM कर्मी राज्य की बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। कोरोना महामारी के संकट काल से लेकर सुदूर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों तक, हर विषम परिस्थिति में इन कर्मियों ने अग्रिम पंक्ति में खड़े रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। ऐसे में लगातार 5 महीने तक उनका वेतन रोकना सरकार और विभाग की उदासीनता को दर्शाता है, जो कि बेहद चिंता का विषय है।
आवेदन के माध्यम से उपायुक्त से अनुरोध किया गया है कि वे इस गंभीर मानवीय समस्या पर तत्काल संज्ञान लें और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर पिछले 5 माह से लंबित वेतन का एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित करवाएं। कर्मियों ने भी चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि अगर जल्द सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो वे आगे की रणनीति बनाने को मजबूर होंगे।
