समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन, कस्तूरबा विद्यालयों की सुरक्षा व व्यवस्था, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर समय सीमा के भीतर होना चाहिए।
कैंप मोड में बनेंगे बच्चों के आधार और बैंक खाते
बैठक में उपायुक्त ने छात्रों की सहूलियत और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ सीधे दिलाने के लिए एक बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूली बच्चों का आधार कार्ड, बैंक खाता और जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए जिले में कैंप मोड में काम किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा इन दस्तावेज़ों के अभाव में सरकारी लाभ से वंचित न रहे। इसके साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राप्त हो चुकीं नई पाठ्यपुस्तकों का वितरण ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलते ही सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
कस्तूरबा विद्यालयों का महीने में दो बार होगा औचक निरीक्षण
छात्राओं की सुरक्षा और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिकाओं विद्यालयों के बेहतर प्रबंधन को लेकर डीसी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कस्तूरबा विद्यालयों का महीने में कम से कम दो बार औचक निरीक्षण किया जाए। इस दौरान वहां उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, छात्राओं की उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग हो और जो भी कमियां पाई जाएं, उन्हें तुरंत दूर किया जाए।
दिव्यांग बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन पर जोर
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को लेकर उपायुक्त ने कहा कि जिले में कोई भी दिव्यांग बच्चा शिक्षा से दूर नहीं रहना चाहिए।
विशेष अभियान: राज्य सरकार के निर्देशानुसार 15 से 24 जून तक संचालित होने वाले विशेष अभियान के तहत छूटे हुए सभी दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उनका शत-प्रतिशत नामांकन प्राथमिक स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, यू-डायस डाटा को समय पर और पूरी गुणवत्ता के साथ अपडेट करने की बात कही गई।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान: हर स्कूल को मिला पौधरोपण का लक्ष्य
बैठक में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि 5 जून से 30 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान में सभी स्कूलों की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। इसके लिए बकायदा लक्ष्य निर्धारित किया गया है:
- प्राथमिक विद्यालय: न्यूनतम 50 पौधे लगाएंगे।
- माध्यमिक विद्यालय: न्यूनतम 75 पौधे लगाएंगे।
- उच्च विद्यालय : न्यूनतम 100 पौधे लगाएंगे।
इस उच्चस्तरीय बैठक में उप विकास आयुक्त , जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी , जिला शिक्षा अधीक्षक , सभी बीईईओ , बीपीओ और शिक्षा विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी व कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
