देश की दूसरी सबसे बड़ी विधानसभा सीट में 2.81 लाख मतदाता अनमैप्ड, दोहरी प्रविष्टि और पलायन की आशंका ने बढ़ाई चिंता,
बोकारो: देश की दूसरी सबसे बड़ी विधानसभा सीट बोकारो (सबसे बड़ी सीट तेलंगाना की सेरिलिंगमपल्ली) में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के दौरान मतदाता सूची में बड़ी विसंगतियां सामने आई हैं। वर्तमान में बोकारो विधानसभा में कुल 5,96,739 पंजीकृत मतदाता हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां केवल 58 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसके पीछे अब डिजिटल मैपिंग के दौरान सामने आए आंकड़ों को एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
निर्वाचन विभाग की ओर से 20 जून तक चल रही डिजिटल मैपिंग में अब तक केवल 55 प्रतिशत मतदाताओं का ही सत्यापन हो सका है। बीएलओ जब घर-घर जाकर मतदाताओं की मैपिंग कर रहे हैं, तो बड़ी संख्या में नाम पोर्टल पर पहले से ही “ऑलरेडी मैप्ड” दिख रहे हैं। इससे मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टि की आशंका बढ़ गई है। आंकड़ों के अनुसार बोकारो विधानसभा के 5.96 लाख मतदाताओं में से 3,15,211 की मैपिंग हो चुकी है, जबकि 2,81,528 मतदाता अब भी अनमैप्ड हैं। इसे लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है और सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाई गई है।
इन कारणों से बढ़ी विसंगति
बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) से पिछले वर्षों में हजारों कर्मचारी सेवानिवृत्त होकर अपने गृह राज्यों या अन्य शहरों में बस चुके हैं, लेकिन उनके नाम अब भी बोकारो की मतदाता सूची में दर्ज हैं। इसके अलावा कई वरिष्ठ नागरिक बोकारो में रहते हैं, जबकि उनके बेटे-बेटियां नौकरी या पढ़ाई के लिए अन्य राज्यों में जाकर वहां मतदाता के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं। वर्ष 2003 के बाद चास नगर निगम क्षेत्र में कई नई कॉलोनियां और मोहल्ले विकसित हुए हैं, जहां मतदाता सूचियों की व्यापक जांच नहीं हो सकी। वहीं पुलिस लाइन और जैप के जवानों के नाम भी स्थानीय मतदाता सूची में शामिल हैं, लेकिन उनकी वर्तमान तैनाती अन्य स्थानों पर होने के कारण मैपिंग प्रभावित हो रही है।
जिले की स्थिति
22 मई तक की रिपोर्ट के अनुसार गोमिया विधानसभा में 81.99 प्रतिशत, चंदनकियारी में 80.52 प्रतिशत और जिले में कुल 68.31 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। इसके विपरीत बोकारो विधानसभा 52.82 प्रतिशत मैपिंग के साथ सबसे पीछे है।
आगे की प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रह करेंगे। 29 जुलाई तक मतदान केंद्रों का पुनर्गठन होगा। 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी, जबकि 3 अक्टूबर तक उनका निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी। सहायक निर्वाचन पदाधिकारी प्रेमचंद सिन्हा ने बताया कि बोकारो में कम मैपिंग होने के पीछे पलायन, दूसरे राज्यों में मतदाता पंजीकरण, नई कॉलोनियों का विकास तथा पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के नाम शामिल होने जैसे कई कारण हैं। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत सभी मतदाताओं का सत्यापन सुनिश्चित किया जा रहा है।
