CM Hemant Soren Urban Vision : अब एक ही परिसर में स्कूल, अस्पताल और बाजार; झारखंड में मिक्स्ड लैंड यूज नीति की तैयारी

CM Hemant Soren Urban Vision : अब एक ही परिसर में स्कूल, अस्पताल और बाजार; झारखंड में मिक्स्ड लैंड यूज नीति की तैयारी

Johar News Times
2 Min Read

रांची : झारखंड में शहरी विकास की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर राज्य सरकार शहरों में मिक्स्ड लैंड यूज (मिश्रित भूमि उपयोग) व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। इस व्यवस्था के तहत आवासीय क्षेत्रों में ही स्कूल, अस्पताल, कार्यालय, दुकानें और अन्य आवश्यक सेवाओं को विकसित करने का रास्ता साफ होगा, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

केंद्र सरकार की डीरेगुलराइजेशन नीति के अनुरूप राज्य सरकार इस मॉडल का अध्ययन कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ नगर विकास सहित विभिन्न विभागों के बीच इस विषय पर मंथन शुरू हो चुका है। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे शहरों में शहरी विकास का नया मॉडल विकसित हो सकेगा।

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से शहरों के अनियंत्रित विस्तार पर रोक लगेगी, ट्रैफिक का दबाव कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और नागरिकों को अधिकांश सुविधाएं अपने आसपास ही उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही निवेश को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की भी उम्मीद है।

राज्य सरकार वर्तमान पॉजिटिव लिस्ट प्रणाली की जगह नेगेटिव लिस्ट मॉडल अपनाने पर भी विचार कर रही है। इसके तहत केवल प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची तय होगी, जबकि बाकी अनुमत गतिविधियों को निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित किया जा सकेगा। इससे परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया आसान होगी और कारोबार करने में सुविधा बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था झारखंड को भविष्य के “वॉक-टू-वर्क” और “वॉक-टू-सर्विस” मॉडल वाले शहरों की दिशा में आगे बढ़ा सकती है, जहां लोगों को आवश्यक सुविधाओं के लिए दूर तक सफर नहीं करना पड़ेगा।

Share This Article