झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका को सुदृढ़ करने की मुहिम तेज हो गई है। इसी क्रम में सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच 12 यूनिट बकरी पालन योजना के तहत बकरियों का वितरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
हर यूनिट में 10 बकरियां और 1 बकरा शामिल
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक चयनित लाभुक परिवार को आजीविका शुरू करने के लिए 10 बकरियां और 1 बकरा (कुल 11 पशु) प्रदान किए गए हैं। वितरण कार्यक्रम के दौरान ईचागढ़ के प्रखंड विकास पदाधिकारी , प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन की दी गई ट्रेनिंग
सिर्फ पशुओं का वितरण ही नहीं, बल्कि लाभुकों को इस व्यवसाय में सफल बनाने के लिए विशेष जानकारी भी दी गई। मौके पर मौजूद पशुपालन विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को:
- वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन करने के गुर सिखाए।
- पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन और समय पर टीकाकरण के महत्व को समझाया।
- बकरियों के उचित पोषण और रखरखाव संबंधी आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।
लाभुकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, सरकार का जताया आभार
इस योजना का लाभ पाकर ग्रामीण बेहद खुश नजर आए और उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। योजना की लाभुक सुनीता महतो ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा:
“मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से जुड़कर हमें घर बैठे आमदनी का एक बेहतरीन जरिया मिला है। इससे होने वाली कमाई से अब मुझे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर के खर्चों को पूरा करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।”
अधिकारियों ने बताया कि ईचागढ़ की तरह ही सरायकेला जिले के अन्य प्रखंडों में भी मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पशु वितरण का कार्य तेजी से चल रहा है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।
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सरायकेला में स्वरोजगार की नई उड़ान: ईचागढ़ प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 12 यूनिट बकरियों का हुआ वितरण। ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से पालन की दी गई ट्रेनिंग!
