सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने NEET UG 2026 Paper Leak Case की सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि “बड़े दुख की बात है कि इतने के बाद भी कोई सबक नहीं लिया गया।” जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की विशेष पीठ इस मामले से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और सीबीआई से जवाब मांगा है। याचिकाओं में एनटीए को भंग कर मेडिकल परीक्षाओं के लिए अधिक मजबूत और स्वायत्त संस्था बनाने तथा निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की गई है।
इधर विपक्ष भी मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है। सचिन पायलट ने कहा कि नीट-यूजी पेपर लीक केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ किया गया जघन्य अपराध है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। पायलट ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेते हैं, लेकिन इस भ्रष्ट व्यवस्था ने उनका भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों और परिवारों के साथ पुलिस और प्रशासन ने संवेदनहीन व्यवहार किया। उनके मुताबिक इस व्यवस्था की विफलता के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
इस बीच महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक दुखद मामला सामने आया है। किसान अशोक सोनवणे ने दावा किया कि उनकी 18 वर्षीय बेटी मैथिली सोनवणे, जो डॉक्टर बनना चाहती थी, ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार मैथिली का शव 16 मई को खेत में पेड़ से लटका मिला था। मामले की जांच जारी है।
