आदित्यपुर की प्यास और बुनियादी मुद्दों पर सीएम हेमंत सोरेन गंभीर, उपमेयर अंकुर सिंह ने मिलकर सौंपा समस्याओं का पुलिंदा, मिला आश्वासन

6 साल बाद भी अधूरी प्यास! सीएम हेमंत सोरेन के दरबार पहुंचा आदित्यपुर की पानी की किल्लत का मामला।

Johar News Times
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आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट, बदहाल सीवरेज व्यवस्था और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों जैसी गंभीर जनसमस्याओं को लेकर गुरुवार को उपमेयर अंकुर सिंह ने सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आदित्यपुर की जनता को रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली परेशानियों से सीएम को अवगत कराया और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि आदित्यपुर में जलापूर्ति योजना का काम देख रही एजेंसी ‘जिंदल’ की घोर लापरवाही के कारण स्थानीय जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है।

तथ्यों के अनुसार, जिस मेगा जलापूर्ति योजना को मात्र 30 महीनों में पूरा होना था, वह एजेंसी की ढुलमुल नीति के कारण 6 साल बीत जाने के बाद भी अधूरी है। उपमेयर ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीएम से हस्तक्षेप करने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जांच और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया।

पेयजल के अलावा बैठक में आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की अन्य बुनियादी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया:

  • क्षेत्र की चरमराई सीवरेज व्यवस्था को जल्द से जल्द सुदृढ़ करने की मांग।
  • नगर निगम क्षेत्र में महीनों से बंद और खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को अविलंब दुरुस्त करने का आग्रह।
  • नगर निगम के समुचित और समग्र विकास के लिए राज्य सरकार से विशेष वित्तीय संसाधन और आवश्यक फंड उपलब्ध कराने की अपील।

सीएम के बाद विभागीय मंत्रियों और सचिवों के साथ भी मैराथन बैठक

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उपमेयर अंकुर सिंह ने राँची में ही नगर विकास सह आवास मंत्री सुदीप्त कुमार सोनू, आवास बोर्ड सह सूडा निदेशक सूरज कुमार और नगर विकास विभाग के सचिव सुनील कुमार से भी मुलाकात की। इन बैक-टू-बैक बैठकों में आदित्यपुर की जनसुविधाओं को पटरी पर लाने के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट पर चर्चा हुई।

उपमेयर अंकुर सिंह का बयान: “अब हमारा लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट है। विभागीय स्तर पर पैरवी तेज कर दी गई है। आदित्यपुर की जनता को बेहतर पेयजल, साफ-सफाई और मजबूत बुनियादी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएंगी। लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को अब बख्शा नहीं जाएगा।”

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