माननीय झारखंड उच्च न्यायालय, रांची के आदेश और राज्य सरकार के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी क्रम में उपायुक्त श्री नीतीश कुमार सिंह ने आज राजनगर प्रखंड का सघन दौरा किया। उपायुक्त ने रूंगटा माइन्स प्राइवेट लिमिटेड के चालियामा स्टील प्लांट, सड़क दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील ‘ब्लैक स्पॉट्स’ और स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का कड़ा निरीक्षण किया।
इस दौरान औद्योगिक गतिविधियों, यातायात प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी की गई।
उपायुक्त ने चालियामा स्टील प्लांट परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने प्रबंधन को स्पष्ट हिदायत दी कि श्रमिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
- सभी कामगारों के लिए सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य करने का निर्देश।
- प्लांट में नियमित मॉक ड्रिल कराने, अग्निशमन व्यवस्था और आपातकालीन निकास को दुरुस्त रखने को कहा गया।
- प्रदूषण नियंत्रण मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने की चेतावनी दी गई।
राजनगर-चालियामा मुख्य मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उपायुक्त ने खुद संभावित दुर्घटना स्थलों का जायजा लिया और निम्नलिखित सुधारों के निर्देश दिए:
- सड़क पर तुरंत स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप, साइनेज, रिफ्लेक्टर और स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं।
- भारी वाहनों की अवैध पार्किंग पर लगाम कसने के लिए परिवहन और पुलिस विभाग को संयुक्त अभियान चलाने का आदेश।
- कंपनियों को अपने निर्धारित पार्किंग स्थल जल्द से जल्द विकसित करने को कहा गया।
हादसे में घायल लोगों की जान बचाने के लिए उपायुक्त ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राजनगर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, एंबुलेंस सेवा और डॉक्टरों की उपस्थिति की जांच की।
“सड़क दुर्घटना में घायलों को ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित इलाज मिलना चाहिए। इसके लिए अस्पताल में ट्रॉमा किट, ऑक्सीजन और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की 24×7 उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।”
- सभी औद्योगिक इकाइयां अपने सीएसआर फंड से सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में सहयोग करेंगी।
- अनुमंडल पदाधिकारी और डीएसपी ट्रैफिक नियमित रूप से ओवरलोडिंग और तेज गति से चलने वाले वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाएंगे।
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे और वाहनों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य किए जाएंगे।
- स्थानीय युवाओं को ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि हादसे के वक्त तुरंत मदद मिल सके।
“औद्योगिक विकास के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का शत-प्रतिशत जमीनी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।”
— नीतीश कुमार सिंह, उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां
इस मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी, डीएसपी ट्रैफिक, जिला परिवहन पदाधिकारी, सिविल सर्जन, प्रखंड विकास पदाधिकारी राजनगर और रूंगटा माइन्स के वरिष्ठ प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे
