लौहनगरी के टाटानगर रेलवे स्टेशन को देश के सबसे आधुनिक स्टेशनों की कतार में खड़ा करने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे की पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन के दोनों मुख्य गेटों को जोड़ने के लिए एक अत्याधुनिक ‘सिग्नेचर ब्रिज’ को मंजूरी मिल गई है। लगभग 125 मीटर लंबा और 36 मीटर चौड़ा यह ब्रिज स्टेशन और यार्ड की दर्जनभर रेल लाइनों के ऊपर से गुजरेगा। इस नए बदलाव के बाद यात्रियों और रेलकर्मियों को एक छोर से दूसरे छोर तक आने-जाने में विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी।
50 साल की ट्रैफिक समस्या का होगा स्थायी समाधान
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह सिग्नेचर ब्रिज स्टेशन के दोनों नए फुट ओवरब्रिज (FOB) के ठीक बीच में बनाया जाएगा, जो बर्मामाइंस गेट और पुराने मुख्य गेट को सीधे कनेक्ट करेगा। इसके साथ ही:
- 6 मंजिला बेहद आधुनिक स्टेशन भवन का निर्माण होगा।
- 3 मंजिला आधुनिक बिल्डिंग विकसित की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मास्टर प्लान के लागू होने से अगले 50 वर्षों तक स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी, क्योंकि दोनों ही गेटों पर निकास (Exit) की बेहतरीन व्यवस्था होगी।
गति शक्ति और अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प
टाटानगर स्टेशन के इस ऐतिहासिक पुनर्विकास की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई थी। इसका निर्माण कार्य रेलवे की ‘गति शक्ति योजना’ और ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 350 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जा रही है।
मॉल, थिएटर और थ्री-स्टार होटल: स्टेशन नहीं, यह होगा ‘सिटी सेंटर’
टाटानगर स्टेशन को सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि जमशेदपुर का एक आधुनिक ‘सिटी सेंटर’ बनाने का लक्ष्य है। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:
- पूरे परिसर में एआई आधारित निगरानी, हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमैटिक फायर सिस्टम और एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम होगा।
- लिफ्ट, एस्केलेटर , डिजिटल डिस्प्ले और आधुनिक एयर कूलिंग सिस्टम।
- स्टेशन के नए भवनों में ब्रांडेड फूड स्टॉल, रेस्टोरेंट, डॉरमेट्री, रिटायरिंग रूम के साथ-साथ शॉपिंग मॉल, थिएटर, थ्री-स्टार होटल और कॉरपोरेट कॉन्फ्रेंस हॉल भी बनाए जाएंगे।
- दोनों गेटों पर यात्रियों के लिए ड्रॉप-एंड-गो जोन, व्यवस्थित टैक्सी स्टैंड और मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
