गंगा किनारे अवैध मिट्टी कटाई से बढ़ा खतरा, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

गंगा किनारे अवैध मिट्टी कटाई से बढ़ा खतरा, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Johar News Times
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प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप, आंदोलन की चेतावनी,

साहिबगंज/उधवा। साहिबगंज जिले के उधवा प्रखंड अंतर्गत उत्तर पलाश गाछी पंचायत के अजुल टोला सहित आसपास के क्षेत्रों में गंगा नदी किनारे अवैध मिट्टी कटाई का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात जेसीबी मशीन और ट्रैक्टरों के माध्यम से बड़े पैमाने पर गंगा किनारे मिट्टी की कटाई की जा रही है, जिससे एक ओर गंगा कटाव तेजी से बढ़ रहा है तो दूसरी ओर सड़क दुर्घटनाओं और आम लोगों की परेशानियों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद शाहिद अख्तर ने बताया कि गंगा नदी किनारे अवैध मिट्टी कटाई के कारण क्षेत्र में कटाव की स्थिति भयावह होती जा रही है। उन्होंने कहा कि गंगा कटाव रोकने को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार धरना-प्रदर्शन किया गया और सरकार से स्थायी समाधान की मांग की गई। सरकार की ओर से कुछ कार्य भी कराए गए, लेकिन इसके बावजूद मिट्टी माफिया लगातार जेसीबी और ट्रैक्टरों के जरिए मिट्टी की अवैध कटाई में लगे हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार और अनियंत्रित आवाजाही के कारण क्षेत्र में कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। एक बच्ची की मौत ट्रैक्टर की चपेट में आने से हो गई थी, वहीं कुछ दिन पहले पुल के पास एक अधेड़ महिला की भी जान चली गई। इसके अलावा 26 अप्रैल 2026 को भी एक बच्ची सड़क दुर्घटना का शिकार हुई थी तथा कचहरी पुल के नीचे भी एक व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे अवैध मिट्टी कटाई और ट्रैक्टरों की अनियंत्रित आवाजाही मुख्य वजह है।

ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शाहिद अख्तर का कहना है कि ट्रैक्टर संचालकों, जेसीबी मालिकों तथा प्रखंड, अंचल कार्यालय और थाना स्तर तक मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सीओ कार्यालय एवं थाना में आवेदन भी दिया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों का दावा है कि गंगा से अवैध रूप से काटी जा रही मिट्टी केवल उधवा और राजमहल क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि बरहरवा, कोटालपोखर, पाकुड़ और बरहेट तक पहुंचाई जा रही है।

वहीं उत्तर पलाश गाछी पंचायत के सज्जात टोला निवासी अकबर अली ने कहा कि गंगा नदी के एक हिस्से से मिट्टी कटाई होने से दूसरे हिस्सों में कटाव और नुकसान बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि मिट्टी माफिया अवैध रूप से मिट्टी बेच रहे हैं, जिससे पर्यावरण और सड़क व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैक्टरों की आवाजाही पूरी तरह बंद करना संभव नहीं है, लेकिन इसे नियंत्रित और सीमित किया जाना चाहिए। खासकर दिन के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और सड़क पर खेलने वाले मासूमों के लिए यह गंभीर खतरा बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि ट्रैक्टरों से सड़क पर मिट्टी गिर जाती है, जिससे बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं और लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीण मोहब्बत बरजहां अली ने भी प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि रातभर गंगा नदी से मिट्टी कटाई और ढुलाई होती रहती है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार की एक बच्ची भी सड़क दुर्घटना का शिकार हुई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

वहीं मोहम्मद मुजाहिदीन ने कहा कि गंगा दियारा क्षेत्र में अवैध मिट्टी कटाई के कारण आम लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। ट्रैक्टर चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं और राहगीरों को साइड तक नहीं देते। उन्होंने बताया कि कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं तथा हाल ही में एक बच्चे का भी ट्रैक्टर से एक्सीडेंट हुआ था।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गंगा नदी से हो रही अवैध मिट्टी कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस मामले को लेकर उधवा सीओ जयंत तिवारी ने कहा कि मामले की गंभीरता से लेते हुए राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो के नेतृत्व में लगातार छापेमारी जारी है,अवैध मिट्टी कटाव करने वाले माफिया को नहीं बक्शा जाएगा,पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

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